बिहार विधानमंडल का मानसून सत्र 20 से 24 जुलाई तक, अनुपूरक बजट होगा पेश

 


पटना, 05 जुलाई (हि.स.)। बिहार विधानमंडल का मानसून सत्र आगामी 20 जुलाई से 24 जुलाई तक आयोजित होगा। पांच दिनों तक चलने वाला यह सत्र नई सरकार के गठन के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार का पहला मानसून सत्र होगा। सरकार के 100 दिन पूरे होने के करीब होने के कारण यह सत्र राजनीतिक और विधायी दोनों दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विपक्ष पहले से ही सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने की रणनीति बना चुका है, जिससे सदन के हंगामेदार रहने की संभावना जताई जा रही है।

पांच दिवसीय इस सत्र में कुल पांच बैठकें आयोजित होंगी। पहले दिन सदन में विभिन्न अध्यादेश पेश किए जाएंगे तथा दिवंगत जनप्रतिनिधियों और अन्य प्रमुख हस्तियों के प्रति शोक प्रस्ताव के माध्यम से श्रद्धांजलि दी जाएगी। इसके बाद दो दिनों तक विधायी कार्यों का संचालन होगा, जबकि एक दिन वित्तीय विषयों और बजट पर चर्चा के लिए निर्धारित रहेगा।

मानसून सत्र के दौरान वित्त मंत्री विजेंद्र यादव वित्तीय वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट सदन में पेश करेंगे। इस बजट के माध्यम से विभिन्न विभागों के लिए अतिरिक्त वित्तीय प्रावधानों को मंजूरी दिलाने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। सरकार की ओर से कई महत्वपूर्ण विधेयक और नीतिगत प्रस्ताव भी सदन में लाए जाने की संभावना है।

राजनीतिक दृष्टि से भी यह मानसून सत्र काफी अहम माना जा रहा है। विपक्ष ने पहले ही संकेत दे दिए हैं कि वह महंगाई, भ्रष्टाचार, बढ़ते अपराध, पुलिस एनकाउंटर तथा रिशुश्री टेंडर घोटाला प्रकरण जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है। विपक्ष इन मामलों पर सरकार से जवाब मांगते हुए सदन में आक्रामक रुख अपना सकता है।

वहीं सत्ता पक्ष भी विपक्ष के आरोपों का जवाब देने और अपनी उपलब्धियों को सामने रखने की तैयारी में है। बहुमत परीक्षण के बाद यह पहला अवसर होगा जब सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार विधानसभा और विधान परिषद में अपने कार्यों, नीतियों और फैसलों को विस्तार से रखेगी। ---------------

हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद चौधरी