गंडक की बाढ़ से मुजफ्फरपुर-छपरा एनएच-102 पर संकट, अम्बारा चौक के पास बैरिकेडिंग कर मार्ग बंद
मुजफ्फरपुर/सारण,03अक्टूबर (हि.स.)। गंडक नदी में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद मुजफ्फरपुर के दो प्रखंड़ और छपरा जिले के करीब आधा दर्जन प्रखंड में हालात बेहद गंभीर हो गए हैं। बाढ़ के पानी की तेज बहाव और सड़कों पर जलजमाव को देखते हुए मुजफ्फरपुर जिला प्रशासन और पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। सुरक्षात्मक दृष्टिकोण से मुजफ्फरपुर-छपरा मुख्य मार्ग (एनएच-102) को अम्बारा चौक के समीप पूरी तरह बैरिकेडिंग लगाकर बंद कर दिया गया है।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, मुजफ्फरपुर और छपरा के बीच स्थित रेवा घाट से कुछ ही दूरी पर, सारण (छपरा) जिले के मेकर इलाके में मुख्य सड़क पर करीब 3 से 4 फीट तक बाढ़ का पानी बह रहा है। कई जगहों पर जलस्तर पांच फीट तक पहुंच गया है, जिसके कारण इस मार्ग पर परिचालन पूरी तरह असुरक्षित हो गया है। जान-माल की सुरक्षा को देखते हुए पुलिस बल ने मुजफ्फरपुर जिले के सरैया इलाके में आने वाले अम्बारा चौक पर ही भारी वाहनों को रोक दिया है।
स्थानीय जनप्रतिनिधि गणिनाथ सहनी ने इस संबंध में बताया कि पुलिस और प्रशासन द्वारा उठाया गया यह कदम जनहित में बेहद जरूरी था। छपरा की ओर जाने वाली मुख्य सड़क पर चार से पांच फीट पानी होने के कारण लंबी दूरी की गाड़ियों, विशेषकर बसों और ट्रकों के लिए रास्ता पूरी तरह बंद है। हालांकि, स्थानीय ग्रामीणों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए आस-पास के गांवों में जाने वाली छोटी गाड़ियों और दोपहिया वाहनों को बेहद सावधानी के साथ निकलने दिया जा रहा है, ताकि उन्हें ज्यादा परेशानी न हो। मुजफ्फरपुर पुलिस ने बैरिकेडिंग स्थल पर चौबीसों घंटे जवानों की तैनाती की है।
मामले की गंभीरता पर बात करते हुए सरैया के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) अभिजीत कौर ने बताया कि सारण जिले में गंडक नदी का सुरक्षात्मक बांध टूटने के कारण बाढ़ का पानी मुख्य सड़क पर आ गया है। बीच सड़क पर पानी का बहाव बेहद तेज है और वर्तमान स्थिति यातायात के अनुकूल नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस रास्ते से आवागमन किसी भी स्थिति में सुरक्षित नहीं है, इसलिए सुरक्षा कारणों से बैरिकेडिंग लगाकर मार्ग को डायवर्ट और नियंत्रित किया गया है। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।-----------
हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद चौधरी