राजनीति में ईमानदारी का सबसे बड़ा उदाहरण थे सुशील मोदी: संजय सरावगी

 






पटना, 21 मई (हि.स.)। बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता पद्मभूषण स्व. सुशील कुमार मोदी की याद में मुजफ्फरपुर में आयोजित स्मरणांजलि सभा में बिहार भाजपा के अध्यक्ष संजय सरावगी शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने स्व. सुशील कुमार मोदी की प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उन्हें सादगी, शुचिता, सरलता, ईमानदारी और संघर्ष का प्रतीक बताया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संजय सरावगी ने कहा कि स्व. सुशील कुमार मोदी ने अपने छात्र जीवन से ही संघर्ष का मार्ग चुना। विद्यार्थी परिषद में विभिन्न दायित्वों का निर्वहन करते हुए उन्होंने संगठनात्मक जीवन की शुरुआत की और आपातकाल के दौरान 19 महीने जेल में रहकर लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष किया।

उन्होंने कहा कि बड़े-बड़े पदों पर रहने के बावजूद सुशील मोदी ने हमेशा सादा जीवन और उच्च विचार की परंपरा को निभाया। राजनीति और व्यक्तिगत जीवन दोनों में उनकी शुचिता ऐसी थी कि विरोधी भी उनके खिलाफ कभी कोई आरोप सिद्ध नहीं कर सके।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि आज राजनीति में ईमानदारी का यदि कोई सबसे बड़ा उदाहरण है तो उसमें सुशील कुमार मोदी का नाम प्रमुखता से लिया जाएगा। उनका पूरा जीवन संघर्ष और जनसेवा को समर्पित रहा। चाहे छात्र आंदोलन हो, आपातकाल का दौर हो, लालू प्रसाद यादव के जंगलराज के खिलाफ संघर्ष हो, या पशुपालन घोटाले को उजागर करने का ऐतिहासिक कार्य, हर मोर्चे पर उन्होंने निर्भीक नेतृत्व किया।

उन्होंने कहा कि भाजपा संगठन को बिहार में विस्तार देने में स्व. सुशील कुमार मोदी की ऐतिहासिक भूमिका रही। कैलाशपति मिश्र के बाद उन्होंने संगठन को गांव-गांव तक मजबूत किया और कार्यकर्ताओं को उनके कार्य के आधार पर आगे बढ़ाने का कार्य किया। आज भाजपा और अन्य दलों में अनेक नेता ऐसे हैं, जिन्होंने सुशील मोदी के मार्गदर्शन में राजनीति सीखी और आगे बढ़े।

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि स्व. सुशील कुमार मोदी उन चुनिंदा नेताओं में थे जिन्होंने विधानसभा, विधान परिषद, लोकसभा और राज्यसभा — चारों सदनों में बिहार का प्रतिनिधित्व किया। हर सदन में उनकी भूमिका प्रभावशाली और मार्गदर्शक रही।

उन्होंने कहा कि जब वे विधायक बने, तो सुशील मोदी प्रतिदिन विधायकों से संवाद कर विधानसभा में उठाए जाने वाले मुद्दों और पार्टी की भूमिका पर चर्चा करते थे। बिहार के कार्यकर्ताओं, मंडलों और जिलों तक की विस्तृत जानकारी उनके पास रहती थी। वे संगठन के वास्तविक डाटा बैंक थे।

प्रदेश अध्यक्ष सरावगी ने श्रद्धांजलि सभा के आयोजन के लिए आयोजन समिति को धन्यवाद देते हुए कहा कि स्व. सुशील कुमार मोदी के लिखे गए विचार, भाषण और पुस्तकें आज भी कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों के लिए मार्गदर्शक हैं। उन्होंने उपस्थित लोगों से उनके विचारों को आत्मसात करने का आह्वान किया।

इस अवसर पर बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार, पूर्व मंत्री मंगल पांडेय, मंत्री रामकृपाल यादव, मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता, मंत्री अरुण शंकर प्रसाद, मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी, मंत्री रमा निषाद, डॉ. संजीव चौरसिया, विधायक रंजन कुमार, पूर्व मंत्री प्रमोद कुमार, पूर्व उप मुख्यमंत्री रेणु देवी, भाजपा के जिला अध्यक्ष, पार्टी पदाधिकारी, वरिष्ठ नेता, सामाजिक कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / सुरभित दत्त