लालू परिवार भ्रष्टाचार की जननी, सत्ता में रहते बिहार के खजाने का किया बंटाधार: उमेश सिंह कुशवाहा
पटना, 27 फ़रवरी (हि.स.)। बिहार जनता दल (जदयू) के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने गुरुवार को बयान जारी कर कहा कि लालू परिवार ने सत्ता में रहते हुए घोटालों का अंबार खड़ा कर प्रदेश के खजाने का बंटाधार किया और बिहार को आर्थिक पिछड़ेपन व बदहाली के गर्त में धकेलने का भरसक प्रयास किया, जिससे प्रदेश के विकास की गति बाधित हुई और इसका खामियाजा आज भी राज्य की जनता को भुगतना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि समाजवाद के नाम पर लालू एंड कंपनी ने बिहार की जनता के विश्वास के साथ छल करते हुए अवैध तरीके से अकूत संपत्ति अर्जित की। इसमें कोई दो राय नहीं है कि स्वतंत्र भारत के इतिहास में लालू परिवार सबसे भ्रष्ट राजनीतिक परिवार है। उनके खिलाफ आधा दर्जन से अधिक घोटालों के मामले न्यायालय में लंबित हैं और आज पूरा परिवार हर महीने सुनवाई के लिए दिल्ली की अदालतों का चक्कर लगाने को मजबूर है।
लैंड फाॅर जाॅब मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने भी लालू परिवार पर सख्त टिप्पणी करते हुए उन्हें आपराधिक सिंडिकेट की तरह बताया था, जबकि चारा घोटाले के मामले में राजद सुप्रीमो स्वयं सजायाफ्ता भी हैं।
उन्होंने कहा कि जब-जब सत्ता लालू परिवार के हाथों में रही, तब-तब उन्होंने जनता की सेवा के बजाय संपत्ति अर्जन को प्राथमिकता दी और जनसेवा से कभी कोई सरोकार नहीं रखा। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव स्वयं भी घोटाले के आरोपों में चार्जशीटेड हैं, इसलिए उन्हें भ्रष्टाचार पर प्रवचन देने से पहले आईना देखना चाहिए।
उमेश कुशवाहा ने कहा कि 21 वर्षों के शासनकाल में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर कभी एक रुपये की भी वित्तीय अनियमितता का व्यक्तिगत आरोप नहीं लगा। 2005 से पहले जो बिहार कभी भ्रष्टाचार, संगठित अपराध और बदहाली का प्रतीक माना जाता था, वही आज सुशासन और विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। बिहार आज बदल चुका है और यह बदलती हुई तस्वीर उन विपक्षी दलों की आँखों में खटक रही है जिन्होंने बिहार को बीमारू राज्य की श्रेणी में धकेल दिया था।
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हिन्दुस्थान समाचार / चंदा कुमारी