संवैधानिक संस्थाओं पर बेबुनियाद आरोप लगाना बंद करे कांग्रेस: डाॅ. निहोरा प्रसाद यादव
पटना, 28 सितंबर (हि.स.)। जनता दल यूनाईटेड (जदयू) के प्रदेश प्रवक्ता डाॅ: निहोरा प्रसाद यादव ने साेमवार काे बयान जारी कर कहा कि देश के मुख्य चुनाव आयुक्त और निर्वाचन आयोग जैसी संवैधानिक संस्थाओं पर बिना ठोस तथ्य एवं प्रमाण के आरोप लगाना लोकतांत्रिक और संवैधानिक मर्यादाओं के खिलाफ है। राजनीतिक दलों को अपनी असहमति दर्ज कराने का पूरा अधिकार है, लेकिन संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते समय तथ्यों और प्रमाणों को सार्वजनिक करना भी उतना ही जरुरी होता है।
उन्होंने कहा कि एसआईआर को लेकर विपक्ष की ओर से निर्वाचन आयोग के आयुक्तों के बीच कथित मतभेद के जो दावे किए गए, उनके संदर्भ में मुख्य चुनाव आयुक्त और दोनों चुनाव आयुक्तों की ओर से जारी सार्वजनिक स्पष्टीकरण के बाद स्थिति स्पष्ट हो चुकी है।
उन्होंने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि आज जो पार्टी निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठा रही है, उसे अपने शासनकाल के दौरान संवैधानिक एवं चुनावी संस्थाओं से जुड़े निर्णयों और नियुक्तियों के इतिहास को भी याद करना चाहिए। अगर इतिहास के पन्नों को पलटा जाए तो कांग्रेस ने अपने शासनकाल के दौरान ऐसे मुख्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति की जो कांग्रेस पार्टी के प्रति ज्यादा जिम्मेदार रहे, जनता के प्रति कम। इसका प्रमाण है कि कई चुनाव आयुक्तों को रिटायरमेंट के बाद कांग्रेस ने राज्यपाल बनाया, केंद्र में मंत्री बनाया और अपने टिकट पर चुनाव लड़वाया।
कांग्रेस पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि जिस पार्टी ने लोकतंत्र एवं संविधान के साथ घिनौना मजाक करने का काम किया, उस पार्टी द्वारा निष्पक्षता के साथ काम कर रहे आयोग के खिलाफ भ्रम फैलाने की कोशिश की गई। कांग्रेस को यह समझना चाहिए कि संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल खडे़ करने का असर लोकतांत्रिक व्यवस्था में आम नागरिक के भरोसे पर पड़ता है।
उन्होंने विपक्ष को नसीहत देते हुए कहा कि विपक्ष को आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति की बजाए तथ्य, प्रमाण की राजनीति करनी चाहिए। लोकतंत्र में सवाल पूछने का अधिकार सबको है, लेकिन महज राजनीतिक फायदे के लिए अनर्गल आरोप लगाने को जायज नहीं ठहराया जा सकता।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / चंदा कुमारी