बढ़ते जलस्तर के मद्देनजर तटबंधों की 24 घंटे निगरानी, बाढ़ से बचाव के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी रखने का निर्देश
पटना, 22 अगस्त (हि.स.)। पटना जिला से होकर बहने वाली नदियों के जलस्तर में हो रही वृद्धि को देखते हुए जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने जल संसाधन विभाग एवं आपदा प्रबंधन विभाग के सभी अधिकारियों को पूरी तरह सजग रहने तथा स्थिति पर चौबीसों घंटे नजर रखने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि जहां भी आवश्यकता हो, वहां बाढ़ से बचाव एवं तटबंधों की सुरक्षा के लिए तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि आपदा की स्थिति में रिस्पॉन्स टाइम का न्यूनतम होना सबसे महत्वपूर्ण है। सभी संबंधित विभाग पहले से ऐसी कार्ययोजना तैयार रखें ताकि किसी भी आपात स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य बिना विलंब शुरू किया जा सके। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि वर्तमान समय में तटबंधों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
तटबंधों की हो रही 24 घंटे निगरानी
जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पटना जिले में विभाग के पांच प्रमंडल—सोन बाढ़ सुरक्षा प्रमंडल, खगौल, गंगा सोन बाढ़ सुरक्षा प्रमंडल, दीघा, पुनपुन बाढ़ सुरक्षा प्रमंडल, अनीसाबाद, पुनपुन बाढ़ सुरक्षा प्रमंडल, पटना सिटी तथा बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल, बख्तियारपुर कार्यरत हैं। इन प्रमंडलों के अंतर्गत गंगा, सोन, पुनपुन, दरधा, धोवा, महतमाइन सहित विभिन्न नदियां आती हैं। इन सभी नदियों के तटबंधों पर 24 घंटे सतत निगरानी रखी जा रही है। जिलाधिकारी ने विशेष रूप से नालंदा एवं जहानाबाद की ओर से पटना जिले में आने वाली नदियों के जलस्तर पर भी लगातार नजर रखने तथा किसी भी संभावित स्थिति में समय रहते आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
बाढ़ की दृष्टि से जिले में 31 संवेदनशील एवं 181 अतिसंवेदनशील स्थलों को चिह्नित किया गया है। इन स्थानों पर बाढ़ से बचाव के लिए 8 लाख 58 हजार बालू भरे ईसी बैग, 2,083 घनमीटर स्थानीय बालू, 64,093 नायलॉन क्रेट तथा 10,682 जियो बैग उपलब्ध कराए गए हैं।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि ईसी बैग एवं अन्य बाढ़रोधी सामग्रियों का भंडारण ऐसे स्थानों पर किया जाए, जहां आवश्यकता पड़ने पर उनका परिवहन एवं उपयोग तत्काल किया जा सके। इसके लिए ट्रैक्टर, जेनरेटर, मजदूर तथा अन्य आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित रखने को कहा गया। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि जिन सामग्रियों की संख्या अथवा मात्रा बढ़ाने की आवश्यकता हो, उन्हें तत्काल बढ़ाकर उपयुक्त स्थानों पर सुरक्षित रूप से संग्रहित किया जाए।
प्रखंड,अंचल एवं अनुमंडल स्तर भी बरती जा रही सजगता
अनुमंडल पदाधिकारियों, प्रखंड विकास पदाधिकारियों एवं अंचल अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने तथा बाढ़ की संभावित स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। वहीं पटना नगर निगम के अधिकारियों को नालों की नियमित सफाई कर जल निकासी की व्यवस्था सुचारू बनाए रखने तथा कहीं भी जलजमाव की स्थिति उत्पन्न नहीं होने देने को कहा गया।
आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा 219 पंजीकृत निजी नावों के साथ एकरारनामा किया गया है। इसके अतिरिक्त अन्य निजी नाव मालिकों के निबंधन की कार्रवाई भी जारी है। जिले में संभावित आपदा की स्थिति में लोगों के सुरक्षित ठहराव के लिए 120 शरण स्थलों को चिह्नित किया गया है। साथ ही 5 इन्फ्लेटेबल लाइटिंग सिस्टम, 543 लाइफ जैकेट एवं 2 महाजाल की व्यवस्था भी की गई है।
राहत एवं बचाव कार्यों के लिए एसडीआरएफ की एक कंपनी 12 बोट एवं 32 जवानों के साथ गायघाट, पटना सिटी में तथा एनडीआरएफ की दो टीमें 8 बोट के साथ दिदारगंज बाजार समिति परिसर में तैनात रखी गई हैं, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। आवश्यक सूचना के लिए दूरभाष संख्या 0612-2210118 एवं मोबाइल नंबर 8235449748 पर संपर्क किया जा सकता है। सभी प्रखंडों में भी प्रखंड स्तरीय नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं।
जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने नागरिकों से अपील की कि चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। सभी तटबंध पूरी तरह सुरक्षित हैं. जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद एवं सतर्क है।
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हिन्दुस्थान समाचार / चंदा कुमारी