स्कूलों और कॉलेजों में योग को पाठ्यक्रम से जोड़ने की दिशा में काम करेगी सरकार : सम्राट चौधरी

 




पटना, 21 जून (हि.स.)। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर राजधानी पटना के पाटलिपुत्र खेल परिसर में आयोजित मुख्य राज्यस्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार सरकार स्कूलों और कॉलेजों में योग को पाठ्यक्रम और शैक्षणिक गतिविधियों से जोड़ने की दिशा में गंभीरता से काम करेगी। उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ शरीर, स्वस्थ मन और संतुलित जीवन का आधार है, इसलिए इसे नई पीढ़ी की जीवनशैली का हिस्सा बनाया जाना आवश्यक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार की धरती का योग से ऐतिहासिक और विशेष संबंध रहा है। विशेष रूप से मुंगेर ने विश्व स्तर पर योग की पहचान स्थापित की है। उन्होंने कहा कि जिस जिले से वह आते हैं, उसी जिले ने योग की परंपरा को वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। आज भी देश-विदेश से बड़ी संख्या में लोग मुंगेर पहुंचकर योग की शिक्षा प्राप्त करते हैं और उसके माध्यम से भारतीय संस्कृति एवं ज्ञान परंपरा का प्रचार-प्रसार कर रहे हैं।

सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल विकास कार्यों को आगे बढ़ाना नहीं, बल्कि लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना और उन्हें स्वस्थ जीवन के प्रति जागरूक बनाना भी है। इसी सोच के तहत स्वास्थ्य क्षेत्र में लगातार नई योजनाएं लागू की जा रही हैं और मौजूदा योजनाओं का विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ नागरिक ही किसी भी राज्य और राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति होते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि योग स्वस्थ समाज के निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। वर्तमान समय में बढ़ती भागदौड़, मानसिक तनाव और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के बीच योग एक प्रभावी समाधान के रूप में सामने आया है। नियमित योगाभ्यास न केवल शरीर को स्वस्थ रखता है, बल्कि मानसिक शांति और आत्मविश्वास भी प्रदान करता है।

उन्होंने कहा कि राज्य के विद्यालयों में पहले से खेलकूद और शारीरिक शिक्षा से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। अब सरकार इस व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाते हुए योग को भी शैक्षणिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाने पर विचार कर रही है। आने वाले समय में संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएंगे, ताकि विद्यार्थियों के बीच योग के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा सके और उन्हें नियमित योगाभ्यास के लिए प्रेरित किया जा सके।

सम्राट चौधरी ने कहा कि स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन ही जीवन की सफलता का मूल आधार हैं। यदि व्यक्ति प्रतिदिन कुछ समय योग के लिए निकाले और उसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाए, तो उसके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन स्वतः दिखाई देने लगेंगे। उन्होंने सभी नागरिकों से योग को अपनाने और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री के साथ केंद्रीय मंत्री ललन सिंह, उप मुख्यमंत्री विजय चौधरी, स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार, पूर्व स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे सहित कई जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और गणमान्य लोगों ने सामूहिक योगाभ्यास किया। इस अवसर पर योग प्रशिक्षकों ने विभिन्न योगासन और प्राणायाम का प्रदर्शन भी किया।

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर बिहार के विभिन्न जिलों में भी बड़े पैमाने पर योग कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में स्कूली छात्रों, शिक्षकों, सरकारी कर्मचारियों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। राज्यभर में आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को योग के महत्व, उसके स्वास्थ्य लाभों और नियमित योगाभ्यास की आवश्यकता के प्रति जागरूक किया गया।--------------

हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद चौधरी