गोपालगंज में समृद्धि यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ने गिनाईं 20 वर्षों की उपलब्धियां, विपक्ष पर साधा निशाना
गोपालगंज, 20 जनवरी (हि.स.)। समृद्धि यात्रा के तहत मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मंगलवार को गोपालगंज पहुंचे। इस दौरान उन्होंने बरौली प्रखंड स्थित बतरदेह बांध का निरीक्षण किया, विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए विकास स्टॉलों का जायजा लिया तथा करोड़ों रुपये की योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इसके बाद बरौली स्थित उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परिसर में समीक्षा बैठक सह जन-संवाद कार्यक्रम को संबोधित किया।
हेलीपैड से उतरने के बाद मुख्यमंत्री सीधे बरौली प्रखंड के बतरदेह गांव पहुंचे, जहां कृषि, पशुपालन, जीविका, ग्रामीण विकास सहित विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाए गए थे। स्थानीय ग्रामीणों और जीविका दीदियों ने गीत-संगीत के माध्यम से मुख्यमंत्री का स्वागत किया। नीतीश कुमार ने स्टॉलों पर प्रदर्शित योजनाओं की जानकारी ली और अधिकारियों को निर्देश दिया कि सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक अनिवार्य रूप से पहुंचे।
यहां आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने अपने भाषण की शुरुआत लालू–राबड़ी शासनकाल की चर्चा से की और बीते 20 वर्षों में राज्य में हुए विकास कार्यों को क्रमवार प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने केवल घोषणाएं नहीं कीं, बल्कि योजनाओं को धरातल पर उतारकर ठोस परिणाम दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण को अपनी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि वर्ष 2006 में पंचायती राज संस्थाओं तथा 2007 में नगर निकायों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया गया, जिसके चार चुनाव सफलतापूर्वक संपन्न हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2013 से बिहार पुलिस में महिलाओं को 35 प्रतिशत आरक्षण दिया गया, जिससे आज बिहार पुलिस में महिलाओं की भागीदारी देश में सर्वाधिक है। वहीं, वर्ष 2016 से सभी सरकारी नौकरियों में महिलाओं के लिए 35 प्रतिशत आरक्षण लागू किया गया।
स्वयं सहायता समूहों की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2006 में विश्व बैंक से ऋण लेकर ‘जीविका’ योजना की शुरुआत की गई। वर्तमान में राज्य में लगभग 11 लाख स्वयं सहायता समूह सक्रिय हैं, जिनसे 1 करोड़ 40 लाख जीविका दीदियां जुड़ी हुई हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 से शहरी क्षेत्रों में भी स्वयं सहायता समूहों का गठन शुरू किया गया है, जहां अब तक 41 हजार समूह गठित हो चुके हैं और 4 लाख 34 हजार महिलाएं इससे जुड़ चुकी हैं।
कृषि क्षेत्र पर बोलते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि वर्ष 2008 से कृषि रोड मैप के तहत योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया गया। पहले, दूसरे और तीसरे कृषि रोड मैप के परिणामस्वरूप अनाज, फल, सब्जी, दूध, अंडा, मांस और मछली उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। मछली उत्पादन ढाई गुना से अधिक बढ़ा है, जिससे बिहार इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन चुका है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में चौथे कृषि रोड मैप (2024–2029) के तहत तेजी से कार्य किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में बड़े पैमाने पर सड़कों और पुल-पुलियों का निर्माण कराया गया है। वर्ष 2016 में सुदूर क्षेत्रों से छह घंटे के भीतर पटना पहुंचने का लक्ष्य हासिल कर लिया गया था, जबकि अब राज्य के सबसे दूरस्थ क्षेत्रों से लगभग पांच घंटे में पटना पहुंचना संभव हो गया है। इसके लिए सड़कों, पुलों, रेल ओवरब्रिज, बाईपास और एलिवेटेड रोड का व्यापक निर्माण कराया गया है।
स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले स्वास्थ्य व्यवस्था बेहद खराब थी और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में प्रतिमाह औसतन केवल 39 मरीज इलाज के लिए आते थे। वर्ष 2006 से अस्पतालों में मुफ्त दवा और इलाज की व्यवस्था लागू की गई, जिसके परिणामस्वरूप अब प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में प्रतिमाह औसतन 11 हजार 600 मरीज इलाज के लिए आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि बिहार में पहले केवल छह मेडिकल कॉलेज थे, जिनकी संख्या अब बढ़कर 12 हो गई है। शेष 27 जिलों में नए मेडिकल कॉलेजों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल को 5,400 बेड का तथा अन्य पांच पुराने मेडिकल कॉलेजों को 2,500 बेड का किया जा रहा है, जबकि आईजीआईएमएस को 3,000 बेड का बनाया जा रहा है।
जनसभा के अंत में मुख्यमंत्री ने एक बार फिर विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले बिहार में विकास नहीं, बल्कि अराजकता थी, जबकि आज राज्य विकास और सामाजिक न्याय के रास्ते पर निरंतर आगे बढ़ रहा है।
कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री सुनील कुमार, मंत्री विजय कुमार चौधरी, सांसद डॉ. आलोक कुमार सुमन, विधायक मंजीत सिंह, अमरेन्द्र कुमार पाण्डेय, रामसेवक सिंह, सुभाष सिंह, विधान पार्षद राजीव कुमार सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।------------
हिन्दुस्थान समाचार / Akhilanand Mishra