मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भागलपुर में की योजनाओं की समीक्षा, अधिकारियों को दिए तेज क्रियान्वयन के निर्देश

 

पटना, 17 मार्च (हि.स.)। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को समृद्धि यात्रा के क्रम में भागलपुर के जगदीशपुर प्रखंड के ग्राम पंचायत बैजानी के प्रांगण में जिले से संबंधित विकासात्मक एवं कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा की।

मुख्यमंत्री ने प्रगति यात्रा के दौरान घोषित विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन के बारे में अधिकारियों से जानकारी ली। समीक्षा बैठक के दौरान भागलपुर के जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने प्रगति यात्रा से संबंधित योजनाओं, सात निश्चय-2 की योजनाओं तथा सात निश्चय-3 की योजनाओं के क्रियान्वयन के संबंध में प्रस्तुतीकरण के माध्यम से मुख्यमंत्री को विस्तृत जानकारी दी।

जिलाधिकारी ने जिले में किए जा रहे अन्य विकास कार्यों की भी जानकारी दी। समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रगति यात्रा से संबंधित जिन योजनाओं की स्वीकृति दी गई है, उनका क्रियान्वयन तेजी से करें। सात निश्चय-2 के तहत जो योजनाएं चलाई जा रही हैं, उनका बेहतर ढंग से क्रियान्वयन करें। उन्होंने कहा कि सात निश्चय-3 के तहत जो योजनाएं निर्धारित की गई हैं, उस पर बेहतर ढंग से कार्य शुरू करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सबको मालूम है कि 20 नवंबर, 2025 को राज्य में नई सरकार के गठन के कुछ ही दिनों बाद हमलोगों ने राज्य को देश के सर्वाधिक विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल करने के लिए सात निश्चय-3 के कार्यक्रमों को लागू किया है। सात निश्चय-3 के सातवें निश्चय सबका सम्मान-जीवन आसान का मुख्य उद्देश्य राज्य के सभी नागरिकों के दैनिक जीवन में आने वाली कठिनाइयों को कम कर उनके जीवन को और भी आसान बनाना है। इसे लेकर हमलोग लगातार काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य है कि सभी लोगों का सम्मान हो एवं उनका जीवन यापन आसान हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी अधिकारी संवेदनशीलता के साथ योजनाओं को क्रियान्वित करें, ताकि बिहार देश के सर्वाधिक विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल हो सके। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने अगले 5 वर्षों में एक करोड़ युवाओं को नौकरी एवं रोजगार देने का लक्ष्य रखा है। राज्य में उद्योग लगाने और स्वरोजगार करने वालों को कई प्रकार की सुविधायें देकर सरकार उन्हें प्रोत्साहित कर रही है। बिहार में उद्योग लगाने के लिये उद्यमियों को विशेष आर्थिक पैकेज दिया जा रहा है, जिससे राज्य में उद्योग लगाने वाले उद्यमियों को काफी मदद मिलेगी। उद्योग लगाने के लिये सभी जिलों में सुविधायें दी जा रही हैं। राज्य सरकार का उद्देश्य है कि बिहार में उद्योगों को और ज्यादा बढ़ावा मिले, बिहार के युवा दक्ष एवं आत्मनिर्भर हों तथा उन्हें अधिक से अधिक रोजगार मिल सके एवं उनका भविष्य सुरक्षित हो।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से स्टार्टअप नीति बनाई गई है, ताकि युवा अपना रोजगार शुरू कर सकें। हमारे राज्य के युवा दक्ष और सक्षम हों इसके लिए हमलोग कार्य कर रहे हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद चौधरी