नई पीढ़ी को नशे की लत का शिकार होने से नहीं रोका गया, तो बर्बाद हो जाएगा बिहार : मुख्यमंत्री

 


-बिहार में सूखे नशे के खिलाफ महीनेभर चलेगा विशेष अभियान- मुख्यमंत्री ने युवाओं को बचाने का किया आह्वान

पटना, 27 अक्टूबर (हि.स.)। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को ‘नशा मुक्त बिहार अभियान-2026’ का शुभारंभ करते हुए राज्य में सूखे नशे के बढ़ते प्रचलन पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को नशे की गिरफ्त से बचाना जरूरी है, अन्यथा बिहार का भविष्य खतरे में पड़ सकता है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अगले एक महीने तक राज्यभर में विशेष नशामुक्ति अभियान चलाया जाएगा, जिसमें विद्यार्थियों, जीविका दीदियों और सामाजिक संगठनों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘विकसित भारत’ और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के ‘नशामुक्त भारत’ के संकल्प का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने वर्ष 2029 तक देश को नशामुक्त बनाने का लक्ष्य रखा है। बिहार सरकार भी इसी दिशा में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाएगी।

सम्राट चौधरी ने वर्ष 2016 में तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ओर से लागू शराबबंदी का उल्लेख करते हुए कहा कि राजस्व की चिंता किए बिना लिया गया यह निर्णय महत्वपूर्ण था। उन्होंने इसे सफल पहल बताते हुए कहा कि करीब दस वर्षों से राज्य में शराबबंदी लागू है, लेकिन अब स्मैक, चरस और अन्य सूखे नशीले पदार्थों के बढ़ते प्रचलन पर अंकुश लगाना बड़ी चुनौती है।

चरस और हेरोइन की जब्ती में बढ़ोतरी

मुख्यमंत्री ने मादक पदार्थों की जब्ती के आंकड़े प्रस्तुत करते हुए बताया कि वर्ष 2024 में राज्य में 282 किलोग्राम चरस जब्त की गई थी, जो 2025 में बढ़कर 400 किलोग्राम हो गई। इसी अवधि में हेरोइन की जब्ती 42 किलोग्राम से बढ़कर 62.65 किलोग्राम पहुंच गई, जबकि अफीम की जब्ती 10 किलोग्राम से बढ़कर 77 किलोग्राम हो गई। उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों के बढ़ते प्रचलन को रोकने के लिए प्रशासनिक कार्रवाई के साथ सामाजिक जागरूकता भी आवश्यक है। इसके लिए राज्य के आठ जिलों को विशेष रूप से चिह्नित किया गया है।

मुख्यमंत्री ने पटना, समस्तीपुर, वैशाली और आरा का उल्लेख करते हुए इन क्षेत्रों में सूखे नशे की समस्या पर विशेष ध्यान देने की जरूरत बताई। नशामुक्ति अभियान को जनआंदोलन बनाने का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि इसमें विद्यार्थियों, जीविका दीदियों और ब्रह्माकुमारी संस्था की बहनों को सक्रिय रूप से जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि ब्रह्माकुमारी संस्था पहले से देशभर में नशामुक्ति के लिए काम कर रही है।

सम्राट चौधरी ने कहा कि स्वस्थ और उज्ज्वल बिहार का निर्माण तभी संभव है, जब समाज के सभी वर्ग मिलकर युवाओं को नशे से दूर रखने का प्रयास करें। उन्होंने अभियान को गांव-गांव और आम लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया।----------

हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद चौधरी