मुख्यमंत्री ने मैट्रिक-इंटर के 168 मेधावी विद्यार्थियों को किया सम्मानित

 


-टॉपर्स का सम्मान परीक्षा परिणाम के एक माह के भीतर होगा : सम्राट चौधरी

पटना, 09 सितंबर (हि.स.)। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को लोक सेवक आवास स्थित ‘नेक संवाद’ सभागार में इंटरमीडिएट एवं मैट्रिक वार्षिक परीक्षा-2026 की टॉपर सूची में स्थान प्राप्त करने वाले 168 मेधावी विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों को उनकी सफलता के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं तथा इसे उनके परिश्रम, प्रतिभा और लगन का परिणाम बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि टॉपरों का सम्मान समारोह विद्यार्थियों के लिए ही नहीं, बल्कि सरकार के लिए भी विशेष अवसर है। उन्होंने कहा कि यहां उपस्थित सभी 168 विद्यार्थी उनके लिए टॉपर हैं। उन्होंने सभी विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान जानकारी मिली कि पूर्व में टॉपर विद्यार्थियों को नवंबर-दिसंबर में सम्मानित किया जाता था। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि परीक्षा परिणाम घोषित होने के तुरंत बाद मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाए। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अगले वर्ष से टॉपर सम्मान समारोह परीक्षा परिणाम घोषित होने के एक महीने के भीतर आयोजित किया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों को उनकी उपलब्धि के लिए समय पर सम्मान और प्रोत्साहन मिल सके।

मुख्यमंत्री ने बिहार की गौरवशाली शैक्षणिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि प्राचीन काल से ही राज्य ज्ञान और शिक्षा का प्रमुख केंद्र रहा है। नालंदा और विक्रमशिला जैसे विश्वविद्यालय इसी धरती की पहचान रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नालंदा विश्वविद्यालय को पुनर्स्थापित किया। विक्रमशिला विश्वविद्यालय के पुनर्स्थापन की दिशा में भी कदम बढ़ाया गया है और इसके लिए 15 जुलाई को 200 एकड़ भूमि आवंटित की जा चुकी है।

सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य की शैक्षणिक विरासत को आधुनिक सुविधाओं के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। 700 सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूलों में विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण देने के लिए कोचिंग, लाइव क्लास और लाइव ट्यूटर जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। पूर्ववर्ती विद्यार्थियों से भी अपने विद्यालय और वहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए योगदान देने का आह्वान किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री का संकल्प ‘विकसित भारत’ और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का संकल्प ‘समृद्ध बिहार’ है। इसे पूरा करने के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि बिहार लगातार विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है और इस यात्रा में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। युवा केवल नौकरी मांगने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले बनें। राज्य में अब तक एक हजार उद्योगों के लिए भूमि उपलब्ध कराई जा चुकी है। औद्योगिक विकास के साथ युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता के अवसर बढ़ाए जा रहे हैं।

बाढ़ की स्थिति पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सामान्य से 38 प्रतिशत कम वर्षापात के बावजूद बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। बिहार में लगभग हर वर्ष बाढ़ की चुनौती सामने आती है। ऐसे में केवल राहत और बचाव तक सीमित रहने के बजाय इसके स्थायी समाधान की दिशा में काम करना जरूरी है।

सम्राट चौधरी ने विद्यार्थियों से अपनी प्रतिभा और ज्ञान का उपयोग बिहार के विकास में करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बिहार को मजबूत, विकसित और समृद्ध बनाने की जिम्मेदारी सभी की है।-------------

हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद चौधरी