नीतीश मंत्रिमंडल की बैठक में 43 प्रस्तावों पर लगी मुहर, बड़े पैमाने पर बहाली और विकास कार्यों को मंजूरी
पटना, 13 जनवरी (हि.स.)। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को संपन्न बिहार मंत्रिमंडल की बैठक में कुल 43 एजेंडों पर स्वीकृति प्रदान की गई।
मंत्रिमंडल ने कृषि विभाग में 694 विभिन्न पदों पर बहाली को मंजूरी दी है। वहीं डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग में 200 पदों पर बहाली की स्वीकृति दी गई। इसके अलावा 314 करोड़ रुपये की लागत से मुंबई में बिहार भवन के निर्माण को भी हरी झंडी दी गई है। शिक्षा विभाग के उच्च शिक्षा निदेशालय में नौ नए पदों के सृजन की भी स्वीकृति दी गई।
बैठक में झारखंड के साथ सोन नदी के जल बंटवारे को लेकर समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर सहमति दी गई। तय समझौते के अनुसार 7.75 मिलियन एकड़ फीट जल में से 5.75 मिलियन एकड़ फीट बिहार और 2 मिलियन एकड़ फीट झारखंड को मिलेगा।
मंत्रिमंडल ने दरभंगा हवाई अड्डा के समीप लॉजिस्टिक पार्क एवं कार्गो हब के निर्माण के लिए 50 एकड़ भूमि अधिग्रहण को मंजूरी दी है। इसके लिए 138 करोड़ 82 लाख 88 हजार रुपये की स्वीकृति दी गई है। इसके अलावा बिहार अधिवक्ता कल्याण न्यास समिति को सहायता के रूप में एकमुश्त 30 करोड़ रुपये देने की स्वीकृति प्रदान की गई। वहीं मुख्य न्यायाधीश के साथ संबद्ध किए जाने वाले चार विधि सहायकों के पद सृजित करने की भी मंजूरी दी गई।
भागलपुर राजकीय पॉलिटेक्निक टैक्सटाइल टेक्नोलॉजी संस्थान में एआईसीटीई, नई दिल्ली द्वारा स्वीकृत डिप्लोमा स्तर के चार नए पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। इनमें कंप्यूटर एडेड कॉस्ट्यूम डिजाइन एंड ड्रेस मेकिंग (60 सीट), फैशन एंड क्लॉथिंग टेक्नोलॉजी (60 सीट), गारमेंट टेक्नोलॉजी (60 सीट) और टैक्सटाइल टेक्नोलॉजी (60 सीट) शामिल हैं। साथ ही विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग में 106 नए पदों के सृजन की भी स्वीकृति दी गई।
राज्य के 13 कारागारों में नए सिरे से 9,073 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने को भी मंजूरी दी गई है। इस योजना पर 155 करोड़ 38 लाख 36 हजार 153 रुपये की राशि खर्च होगी।
मंत्रिमंडल ने जमुई के तत्कालीन जिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी जटाशंकर पांडे को सेवा से बर्खास्त करने की स्वीकृति दी। वहीं पीएम श्री योजना के तहत बिहार के 779 माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों के लिए वित्तीय वर्ष 2025–26 में 14 अरब 85 करोड़ 50 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई। इसके अलावा मंत्रिमंडल ने निर्णय लिया कि बिहार विधानमंडल के वरिष्ठ सदस्य, जो मंत्रिपरिषद के सदस्य नहीं हैं, उन्हें विधानमंडल पूल में निर्वाचन क्षेत्रवार कर्णांकित आवास के अतिरिक्त केंद्रीय पूल के 15 आवास किराये पर अतिरिक्त आवास के रूप में आवंटित किए जाएंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद चौधरी