बिहार कैबिनेट के 17 प्रस्तावों पर मुहर, गयाजी कॉरिडोर के लिए 2520 करोड़ मंजूर
-गयाजी कॉरिडोर के लिए 2,520 करोड़ रुपये मंज़ूर
- -ईंट-भट्ठा कारोबारियों को राहत, वन टाइम सेटलमेंट योजना को मंजूरी
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पटना, 15 सितंबर (हि.स.)। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में मंगलवार शाम हुई बिहार मंत्रिपरिषद की बैठक में 17 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में स्वास्थ्य, कृषि, खनन, पर्यटन, विमानन, बाढ़ सुरक्षा और प्रशासन से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।
मंत्रिपरिषद ने गयाजी के विष्णुपद मंदिर क्षेत्र को काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर विकसित करने के लिए 2520 करोड़ रुपये तथा सोन-फल्गु नदी जोड़ योजना के लिए 996 करोड़ पांच लाख रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।
कैबिनेट की बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अधीन पांच राजकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में सहायक प्राध्यापक के रिक्त 366 पदों पर नियमित नियुक्ति होने तक संविदा के आधार पर नियोजन की स्वीकृति दी है। इन चिकित्सा महाविद्यालयों में राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय बेतिया, पूर्णिया, जननायक कर्पूरी ठाकुर चिकित्सा महाविद्यालय मधेपुरा, राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय छपरा-सारण और राम जानकी चिकित्सा महाविद्यालय समस्तीपुर शामिल हैं।
केंद्रीय क्षेत्र की मखाना विकास योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में 89 करोड़ 79 लाख 68 हजार 400 रुपये की स्वीकृति दी गई। बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, पटना में पैरावेट स्कूल की स्थापना के लिए चार अनुदेशक और दो निम्नवर्गीय लिपिक समेत छह पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है। इसके लिए 45 लाख 98 हजार 832 रुपये की राशि स्वीकृत की गई।
बैठक में बिहार राज्य विमानन संवर्ग भर्ती नियमावली-2026 के गठन को भी मंजूरी दी गई। साथ ही बिहार जिला खनिज फाउंडेशन नियमावली-2026 की स्वीकृति प्रदान की गई।
मंत्रिपरिषद ने नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल-ऑयल पाम (एनएमईओ-ओपी) केंद्र प्रायोजित योजना के वित्तीय वर्ष 2026-27 में कार्यान्वयन के लिए दो करोड़ 10 लाख रुपये की स्वीकृति दी। योजना का उद्देश्य ऑयल पाम की खेती को बढ़ावा देना और खाद्य तेलों के उत्पादन में आत्मनिर्भरता हासिल करना है। केंद्र प्रायोजित एकीकृत बागवानी विकास मिशन के विभिन्न कार्यक्रमों के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2027-28 तक 78 करोड़ 34 लाख 22 हजार रुपये की स्वीकृति दी गई।
ईंट-भट्ठा कारोबारियों के लिए वन टाइम सेटलमेंट योजना
मंत्रिपरिषद ने ईंट-भट्ठा मालिकों को राहत देते हुए वन टाइम सेटलमेंट योजना को मंजूरी दी है। इसके तहत खान एवं भूतत्व विभाग का वित्तीय वर्ष 2024-25 तक बकाया रखने वाले ईंट-भट्ठा संचालकों को ब्याज की राशि छोड़कर मूल बकाया जमा करने का अवसर मिलेगा। मूल राशि जमा करने के बाद संबंधित नीलाम पत्र पदाधिकारी यह रिपोर्ट करेंगे कि देनदार पर कोई लोक मांग बकाया नहीं है। इसके आधार पर नीलाम पत्रवाद का निस्तारण किया जाएगा। योजना की अवधि तीन माह होगी।
राज्य सरकार ने बिहार आकस्मिकता निधि से एक हजार करोड़ रुपये की निकासी को भी मंजूरी दी है। इस राशि का उपयोग बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रगति यात्रा से संबंधित कार्यों, बाढ़ सुरक्षात्मक कार्यों, जल-जीवन-हरियाली अभियान और अन्य महत्वपूर्ण कार्यों पर किया जाएगा।
बिहार सूचना आयोग में राज्य सूचना आयुक्त के दो अतिरिक्त पदों के सृजन को भी मंजूरी दी गई है। ये पद अगले आदेश तक प्रभावी रहेंगे।
विष्णुपद क्षेत्र और सोन-फल्गु नदी जोड़ योजना को मंजूरी
गयाजी के विष्णुपद मंदिर परिक्षेत्र का काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर विकास किया जाएगा। इसके लिए 2520 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। वहीं सोन-फल्गु नदी जोड़ योजना के निर्माण के लिए 996 करोड़ पांच लाख रुपये मंजूर किए गए हैं। दोनों योजनाओं के लिए कुल 3516 करोड़ पांच लाख रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।
जेलों के पास खुलेंगे पेट्रोल पंप
राज्य की जेलों के आसपास उपलब्ध खाली जमीन का उपयोग करते हुए पेट्रोल पंप खोलने की योजना को भी मंजूरी दी गई है। इसके लिए कारा पेट्रोलियम रिटेल आउटलेट परिचालन नियमावली-2026 के गठन को स्वीकृति दी गई। इसके तहत पूर्णिया और मुजफ्फरपुर की जेलों में इंडियन ऑयल तथा बक्सर और भागलपुर की जेलों में हिंदुस्तान पेट्रोलियम के पेट्रोल पंप संचालित किए जाएंगे। कंपनियों का चयन नामांकन के आधार पर किया गया है।
इसके अलावा राज्य में हवाई संपर्क को मजबूत करने के लिए संशोधित उड़ान योजना के तहत विभिन्न हवाई अड्डों के विकास और जिलों में हेलीपोर्ट विकसित करने की योजना को भी मंजूरी दी गई। हेलीपोर्ट बनने से संबंधित जिलों में हवाई संपर्क बेहतर होने के साथ आपातकालीन सेवाओं और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।-----------
हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद चौधरी