पहले ही प्रयास में बीपीएससी परीक्षा पास कर बने एसडीएम

 


सुपौल, 22 जून (हि.स.)। जिले के होनहार युवा सुशोभित सौरभ ने बिहार लोक सेवा आयोग (बपीएससी) की परीक्षा में पहले ही प्रयास में सफलता हासिल कर अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) पद के लिए चयनित होकर पूरे जिले का नाम रोशन किया है। उन्होंने 275वीं रैंक प्राप्त कर यह उपलब्धि हासिल की है। उनकी सफलता से परिवार सहित जिले भर में खुशी का माहौल है।

सुशोभित सौरभ ने बताया कि उनकी प्रारंभिक शिक्षा सुपौल के आरएसएम पब्लिक स्कूल से हुई। इसके बाद उन्होंने बीएसएस कॉलेज से इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के उद्देश्य से उन्होंने एक वर्ष तक कोटा में अध्ययन किया। बाद में उनका चयन एनआईटी मिजोरम में हुआ, जहां से उन्होंने वर्ष 2021 में इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री प्राप्त की। इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने दिल्ली में रहकर लगभग दो वर्षों तक सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी की। उन्होंने बताया कि यह उनका BPSC का पहला प्रयास था और पहली ही कोशिश में उन्हें सफलता मिल गई।

सुशोभित के अनुसार उनकी इस उपलब्धि के पीछे लगातार मेहनत, अनुशासन और परिवार का सहयोग सबसे महत्वपूर्ण रहा। अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता को देते हुए उन्होंने कहा कि उनकी माता सीता कुमारी और पिता अधिवक्ता तेज नारायण गुप्ता ने हर परिस्थिति में उनका हौसला बढ़ाया तथा पढ़ाई के लिए अनुकूल माहौल उपलब्ध कराया। उन्होंने कहा कि उनकी सफलता का शत-प्रतिशत श्रेय उनके माता-पिता को जाता है।

सुशोभित ने बताया कि उनका मूल निवास छातापुर प्रखंड में है। हालांकि उनके पिता पिछले करीब 30 वर्षों से सुपौल में वकालत कर रहे हैं, जिसके कारण परिवार लंबे समय से यहीं रह रहा है। वर्तमान में सुपौल ही उनका स्थायी निवास बन चुका है।

सुशोभित सौरभ की इस सफलता ने जिले के युवाओं के लिए प्रेरणा का काम किया है। उनकी उपलब्धि यह संदेश देती है कि लक्ष्य के प्रति समर्पण, निरंतर मेहनत और परिवार के सहयोग से पहली ही कोशिश में बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है।

हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र