बीच गंगा में खराब हुई यात्रियों से भरी नाव, एसडीआरएफ ने किया रेस्क्यू
भागलपुर, 02 जून (हि.स.)।
विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के बाद से भागलपुर से नवगछिया नाव से आने जाने वाले यात्रियों का जान संसत में है। अक्सर यात्रियों से भरी नाव बीच गंगा में खराब हो रही है। मंगलवार को भी महादेवपुर घाट से बरारी घाट की ओर जा रही एक बड़ी नाव बीच गंगा खराब हो गई।
नाव का इंजन बंद होते ही नाव नदी की तेज धारा में बहते हुए इंजीनियरिंग कॉलेज की दिशा में पहुंचने लगी। वहीं सूचना मिलते ही एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालकर बरारी घाट पहुंचाया।
बताया जा रहा है कि महादेवपुर घाट से बरारी घाट के लिए रवाना हुई नाव में बड़ी संख्या में यात्री सवार थे। यात्रा के दौरान अचानक नाव का इंजन बंद हो गया। इंजन बंद पड़ते ही नाव गंगा की धारा में बहने लगी, जिससे यात्रियों के बीच घबराहट फैल गई।
कई यात्रियों ने तत्काल प्रशासन और एसडीआरएफ को सूचना दी। सूचना मिलते ही इंस्पेक्टर नीलू के नेतृत्व में एसडीआरएफ की टीम घटनास्थल पर पहुंची। टीम ने सबसे पहले नाव की स्थिति का आकलन किया और फिर राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया।
प्राथमिकता के आधार पर नाव पर मौजूद बीमार महिला और बुजुर्ग यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। एसडीआरएफ के जवानों ने चरणबद्ध तरीके से सभी यात्रियों को रेस्क्यू कर बरारी घाट पहुंचाया। इसके बाद खराब नाव को सुरक्षित निकालने के लिए दूसरी बड़ी नाव की व्यवस्था की गई। काफी मशक्कत के बाद खराब नाव को टोचन कर किनारे तक लाया गया।
घटना के बाद प्रशासन ने नाव संचालन को लेकर सख्त संदेश दिया है। नई व्यवस्था के तहत यदि किसी नाव का इंजन बीच नदी में खराब होता है और यात्रियों को एसडीआरएफ की मदद से बचाना पड़ता है, तो संबंधित नाव मालिक को निर्धारित राशि का केवल आधा भुगतान किया जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर