विक्रमशिला सेतु क्षतिग्रस्त, नाव बनी लाइफलाइन, गंगा घाटों पर बढ़ी रौनक
भागलपुर, 26 मई (हि.स.)।
विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के बाद से भागलपुर से नवगछिया आने-जाने वाले लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
पुल पर आवाजाही प्रभावित होने के कारण अब यात्रियों के लिए नाव ही सबसे बड़ा सहारा बन गई है। कभी वीरान रहने वाले भागलपुर के गंगा घाट अब पूरी तरह गुलजार नजर आ रहे हैं।
पिछले करीब दो दशक से घाटों पर नावों की संख्या काफी कम हो गई थी। लेकिन अब हर दिन लगभग 50 नावें यात्रियों को गंगा पार कराने में जुटी हुई हैं।
सुबह से लेकर देर शाम तक घाटों पर यात्रियों की भीड़ लगी रहती है। लोग जरूरी काम, नौकरी और व्यापार के लिए नाव के जरिए सफर करने को मजबूर हैं। वहीं नाविकों की आमदनी में भी बड़ा इजाफा हुआ है।
नाव चलाने वाले लोगों का कहना है कि पहले जहां कमाई काफी कम होती थी, वहीं अब रोजाना 5 हजार से 10 हजार रुपये तक की आय हो रही है। हालांकि नाव सेवा से लोगों को राहत जरूर मिली है। लेकिन इस भीषण गर्मी मे लोगों को परेशानी भी हो रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर