भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने दिया भरोसा, बिहार की जनता की सेवा में कोई कमी नहीं होगी

 

पटना, 16 अप्रैल (हि.स.)। बिहार में पहली बार भाजपा के नेतृत्व में बनी सरकार को लेकर कार्यकर्ताओं में उत्साह है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कार्यकर्ताओं को एक पत्र लिखकर खुशी साझा की। उन्होंने कहा है कि यह दिन हम सभी के लिए अत्यंत हर्ष एवं गौरव का है। ऊर्जावान, लोकप्रिय एवं कर्मठ नेता सम्राट चौधरी ने बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण की है।

बिहार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने पत्र में सभी कार्यकर्ताओं का ' जय श्रीराम' के जरिये अभिवादन करते हुए यह भी बताया कि यह दशकों के अथक परिश्रम, त्याग और बलिदान का प्रतिफल है । उन्होंने इसके लिए बूथ से लेकर प्रदेश तक हर कार्यकर्ता को श्रेय देते हुए कहा कि उनके समर्पण ने इस गौरवशाली क्षण को संभव बनाया है।

उन्होंने साथ ही जनता दल (यूनाइटेड) के विजय कुमार चौधरी एवं बिजेन्द्र प्रसाद यादव के उप-मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण पर भी हार्दिक बधाई दी है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने भाजपा के नेतृत्व में बनी सरकार को बिहार के इतिहास का एक गौरवशाली अध्याय बताते हुए पत्र में लिखा है - हम विनम्रतापूर्वक यह कहते हुए गर्व अनुभव करते हैं कि पहली बार बिहार में सरकार का नेतृत्व भारतीय जनता पार्टी के मुख्यमंत्री के हाथों में है।

उंन्होने इसे परिवर्तन नहीं, यह निरंतरता बताते हुए दावे के साथ कहा कि सुशासन की उसी नींव पर, उसी प्रतिबद्धता के साथ, अब और अधिक संकल्प एवं ऊर्जा के साथ बिहार के विकास का नया अध्याय लिखा जाएगा।

उन्होंने लोगों को विश्वास दिलाते हुए कहा - पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सुदृढ़ नींव पर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के कुशल मार्गदर्शन में बिहार के विकास को हम नई गति देंगे। सुशासन से समृद्धि युग, बिहार अभ्युदय काल का शुभारंभ हो चुका है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सरावगी ने कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए कहा कि इस ऐतिहासिक अवसर पर हम सब मिलकर संकल्प लें कि बिहार की जनता की सेवा में कोई कमी नहीं आने देंगे। उन्होंने इस अभूतपूर्व मौके पर यह भी कहा कि कार्यकर्ताओं का उत्साह एवं समर्पण ही हमारी सबसे बड़ी शक्ति है।

इसके पूर्व भी प्रदेश अध्यक्ष सरावगी ने एक अन्य पत्र के माध्यम से कार्यकर्ताओं को नैतिक आचरण के लिए “एसए एम एम ए एन” के रूप में 6 सूत्रीय आचार-संहिता प्रदान की थी, जिसे संगठन में व्यापक रूप से सराहा गया था। यह आचार-संहिता संगठनात्मक मूल्यों, राजनीतिक शुचिता और कार्यशैली के सुदृढ़ीकरण का आधार बनी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुरभित दत्त