जीविका से जुड़कर बिजली देवी ने बदली परिवार की किस्मत
अररिया 30 जून(हि.स.)। फारबिसगंज के परवाहा की रहने वाली बिजली देवी आज लोगों के लिए उदाहरण बन चुकी हैं।
अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में इन्होंने अहम योगदान दिया है। एक समय ऐसा था जब उनका परिवार सीमित आय के कारण आर्थिक तंगी का सामना कर रहा था। इनके पास एक सिलाई मशीन थी। जिसपर सिलाई कर वह परिवार चलाती थी। उनकी मासिक आय लगभग 10 हजार रुपये थी, जिससे घर की आवश्यकताओं को पूरा करना कठिन हो जाता था।
बिजली देवी वर्ष 2023 में सावन जीविका स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं। जीविका के माध्यम से उन्हें आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा मिली और उन्होंने अपने परिवार की आय बढ़ाने का संकल्प लिया।
जीविका से जुड़ने के बाद बिजली देवी ने समूह से कुल 65 हजार रुपये ऋण लेकर किराना दुकान शुरू किया। जिसमें इन्होंने काफी मेहनत कर इस दुकान को काफी आगे बढ़ाया। जिसके कारण इनकी आमदनी में इजाफा होने लगा। इस आमदनी से बचत कर इन्होंने लिए गए ऋण में से 45 हजार रुपये वापस भी कर दी है और बाकी के पैसे भी जल्द लौटा देने की बात कह रही है।
इस बीच मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना से 10 हजार रुपये का सहयोग प्राप्त हुआ। इस पूंजी का उपयोग भी उन्होंने व्यवसाय को विकसित करने में किया। जिसके कारण दुकान की स्थिति बेहतर है। इसके अलावा वह सिलाई मशीन से कपड़े सिलने का काम भी कर रही हैं।
जिसके कारण इनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हो रहा है। परिवार में पति-पत्नी के अलावा दो लड़के भी हैं। बड़ा लड़का 20 साल और छोटा 16 साल का है। लड़के भी दीदी को दुकान चलाने में मदद कर रहे हैं। आज उनकी मासिक आय 10 हजार से बढ़कर 20 हजार रुपये तक पहुंच गई है। इससे परिवार की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है तथा बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य आवश्यकताओं की पूर्ति भी आसानी से होने लगी है।
बिजली देवी का कहना है कि जीविका से जुड़ने के बाद उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। समूह की बैठकों, बचत की आदत और समय पर ऋण की उपलब्धता ने उन्हें स्वरोजगार स्थापित करने में मदद की। आज वे न केवल अपने परिवार को आर्थिक सहयोग दे रही हैं, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / राहुल कुमार ठाकुर