बिहार का औद्योगिक विकास निरंतर सशक्त गति के साथ आगे बढ़ रहा है : डॉ दिलीप जयसवाल

 


पटना, 06 अप्रैल (हि.स.)।

उद्योग मंत्री डॉ दिलीप कुमार जायसवाल ने सोमवार को पत्रकार वार्ता में कहा कि बिहार का औद्योगिक विकास निरंतर सशक्त गति के साथ आगे बढ़ रहा है। यह अत्यंत हर्ष का विषय है कि मुख्यमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व में उद्योग विभाग राज्य के औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र को रूपांतरित करने तथा निवेशकों का विश्वास सुदृढ़ करने हेतु पूर्ण समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है।

मंत्री दिलीप जयसवाल ने कहा कि बिहार भारत की औद्योगिक एवं आर्थिक विकास गाथा में एक महत्वपूर्ण योगदानकर्ता के रूप में उभरने के लिए अत्यंत सक्षम स्थिति में है। अगले पांच वर्षों में 50 लाख करोड़ के निवेश को आकर्षित करने और 1 करोड़ रोजगार के अवसर सृजित करने की स्पष्ट एवं महत्वाकांक्षी परिकल्पना के साथ राज्य ने निर्णायक रूप से योजना से क्रियान्वयन की दिशा में कदम बढ़ाया है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए एक्सप्रेसवे नेटवर्क, औद्योगिक कॉरिडोरों के विकास, शहरी अवसंरचना के सुदृढ़ीकरण, बेहतर हवाई संपर्क तथा सशक्त लॉजिस्टिक्स ढांचे के माध्यम से मजबूती प्रदान की जा रही है।

मंत्री दिलीप जयसवाल ने कहा कि औद्योगिक विकास को सात निश्चय–3 (2025-2030) के अंतर्गत सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान की गई है, जिसकी परिकल्पना “समृद्ध उद्योग – सशक्त बिहार” के रूप में की गई है। इस दृढ़ संकल्प को आगे बढ़ाते हुए, वित्तीय वर्ष 2025–26 में उद्योग विभाग, बिहार सरकार द्वारा संबंधित योजनाओं एवं गतिविधियों के क्रियान्वयन की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। इस क्रम में विभाग द्वारा अनेक महत्वपूर्ण पहलें की गई हैं।

वित्तीय वर्ष 2025–26 में उद्योग विभाग से संबंधित राज्य मंत्रिपरिषद द्वारा स्वीकृत प्रमुख निर्णयों में तीन उच्चस्तरीय एपेक्स समितियों का गठन कर अपनी प्रतिबद्धता को स्पष्ट कर दिया।

उन्होंने कहा कि इन समितियों को बिहार को एक पूर्वी टेक हब के रूप में स्थापित करने, इसे एक वैश्विक बैकएंड हब एवं वैश्विक कार्यस्थल के रूप में विकसित करने, तथा स्टार्टअप और नव युग की अर्थव्यवस्था से जुड़े क्षेत्रों में रोजगारोन्मुख गतिविधियों के व्यापक विस्तार का स्पष्ट दायित्व सौंपा गया है। ।

उन्होंने कहा कि एमएसएमई क्षेत्र के समग्र विकास के उद्देश्य से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम निदेशालय के गठन/स्थापना को स्वीकृति प्रदान की गई है। बिहार राज्य विपणन प्राधिकार की स्थापना राज्य के नोडल निकाय के रूप में की गई है। वैश्विक तथा घरेलू निवेशकों को और अधिक आकर्षित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज 2025 लागू किया गया है।

उन्होंने कहा कि बिहार सेमीकंडक्टर नीति, 2026 को हाल ही में राज्य मंत्रिपरिषद द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई है, जो भारत सरकार की योजनाओं के अनुरूप हैं। उद्योग विभाग द्वारा निवेशकों को राज्य में बड़ी संख्या में आमंत्रित करने के लिये देश-विदेश में बैठकों का आयोजन किया गया, जिनमें मार्च 2026 में थाईलैंड में लोटस ट्रायंगल मेगा लॉन्च और रोडशो, बेंगलुरु रोड शो, फरवरी में कोलकाता में एक्जिम सम्मेलन, एआई इम्पैक्ट समिट , नई दिल्ली, मेगा निर्यात प्रोत्साहन कार्यक्रम, पटना, अगस्त, मुम्बई में प्रस्तावित है। वर्ष 2025–26 में राज्य ने निवेश के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। इस अवधि के दौरान कुल 747 निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनके अंतर्गत 17,217 करोड़ से अधिक के निवेश का प्रस्ताव किया गया है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद चौधरी