भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट 2026 में सजा बिहार पैवेलियन, ऊर्जा मंत्री ने किया स्टॉल का उद्घाटन
पटना/नई दिल्ली, 19 मार्च (हि.स.)।
बिहार अब राष्ट्रीय ऊर्जा विमर्श में सिर्फ भागीदारी नहीं, बल्कि नेतृत्व की दिशा में अपने कदम तेज कर चुका है। इसी क्रम में भारत सरकार के ऊर्जा मंत्रालय की पहल पर आयोजित भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट 2026 में ‘फोकस स्टेट’ के रूप में शामिल बिहार ने यशोभूमि, नई दिल्ली में अपने सशक्त विजन और उपलब्धियों की प्रभावी प्रस्तुति दी।
चार दिवसीय इस वैश्विक सम्मेलन-सह-प्रदर्शनी के पहले दिन बिहार पैवेलियन का उद्घाटन ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने किया, जिससे राज्य की उपस्थिति को एक नई पहचान मिली। उद्घाटन के इस महत्वपूर्ण मौके पर ऊर्जा विभाग के सचिव मनोज कुमार सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे, जबकि नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक राहुल कुमार की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन की गंभीरता और महत्व को और भी बढ़ा दिया।
यशोभूमि के हॉल संख्या 2, स्टैंड नंबर 2ई51 पर स्थापित बिहार पैवेलियन इन दिनों आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यहां राज्य अपने ऊर्जा क्षेत्र में किए गए सुधारों, निवेश की अपार संभावनाओं और ‘पावरिंग बिहार’ के तहत हुए ठोस कार्यों को एक सुसंगत और प्रभावशाली रूप में प्रस्तुत कर रहा है। यह पैवेलियन न सिर्फ उपलब्धियों का प्रदर्शन है, बल्कि भविष्य के विजन का भी एक जीवंत चित्र है।
समिट के पहले दिन जहां उद्घाटन सत्र, स्टॉल का अवलोकन और मीडिया संवाद के माध्यम से बिहार ने अपनी बात रखी, वहीं अंतरराष्ट्रीय मंत्रिस्तरीय बैठकों और सीईओ स्तर की चर्चाओं में राज्य की सक्रिय भागीदारी ने इसे वैश्विक ऊर्जा संवाद का एक अहम हिस्सा बना दिया। आने वाले दिनों में भी यह सहभागिता और गहराएगी।
दूसरे दिन मंत्रिस्तरीय गोलमेज बैठक और निवेश केंद्रित चर्चाएं होंगी, जिनमें बिहार के ऊर्जा सचिव और पीडब्लूसी के पार्टनर अभिजीत रे की मौजूदगी में निवेश के नए रास्तों पर विचार किया जाएगा।
तीसरे दिन संभावित निवेशकों के साथ सीधी बातचीत का मंच तैयार होगा, जहां बिहार अपनी नीतियों और संभावनाओं को विस्तार से साझा करेगा। इसी दिन ऊर्जा सचिव मीडिया के माध्यम से राज्य की ऊर्जा नीति और भविष्य की दिशा को स्पष्ट करेंगे।
समिट के अंतिम दिन समापन समारोह के साथ पूरे आयोजन की उपलब्धियों और निष्कर्षों को सामने रखा जाएगा।
इस समिट में बिहार ने अपने ऊर्जा क्षेत्र के चार प्रमुख आयामों को खास तौर पर प्रदर्शित किया है, जो राज्य के बदलते स्वरूप और भविष्य की तैयारियों को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं। पंप्ड स्टोरेज प्रोजेक्ट्स के जरिए जहां ग्रिड स्थिरता और नवीकरणीय ऊर्जा के बेहतर एकीकरण की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं, वहीं कजरा सोलर प्रोजेक्ट विद बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (बीईएसएस) स्वच्छ और भरोसेमंद ऊर्जा आपूर्ति का उदाहरण बनकर सामने आया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद चौधरी