मुज़फ़्फ़रपुर मे विधान परिषद चुनाव को लेकर शस्त्रों का भौतिक सत्यापन 28 सितंबर से
मुज़फ़्फ़रपुर, 27 सितंबर (हि.स.)।
बिहार विधान परिषद के आसन्न तिरहुत शिक्षक एवं तिरहुत स्नातक निर्वाचन, 2026 को निष्पक्ष, भयमुक्त और शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए ज़िला प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं।
ज़िला दंडाधिकारी सह समाहर्ता के आदेशानुसार, ज़िले के सभी लाइसेंस धारकों (अनुज्ञप्तिधारियों) के शस्त्रों—जैसे रिवाल्वर, पिस्टल, रायफल, एकनाली/दोनाली बंदूक—तथा कारतूसों का भौतिक सत्यापन कराने का निर्णय लिया गया है।
सत्यापन की तिथि एवं समय:
शस्त्रों और कारतूसों की जाँच प्रक्रिया 28 सितंबर 2026 से 6 अक्टूबर 2026 तक संचालित की जाएगी। गांधी जयंती (02 अक्टूबर) और रविवार (04 अक्टूबर) को सत्यापन कार्य स्थगित रहेगा। निर्धारित तिथियों पर प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी प्रातः 10:00 बजे से अपराह्न 4:00 बजे तक संबंधित थानों में मौजूद रहकर भौतिक सत्यापन करेंगे।
प्रमुख थानों में दंडाधिकारियों की तैनाती: आर्म्स सत्यापन प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए प्रशासन ने अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है:
नगर थाना: ज़िला खनन पदाधिकारी, मुज़फ़्फ़रपुर
ब्रह्मपुरा थाना: ज़िला भविष्य निधि पदाधिकारी, मुज़फ़्फ़रपुर
मिठनपुरा एवं बेला थाना: ज़िला कल्याण पदाधिकारी, मुज़फ़्फ़रपुर
अहियापुर थाना: ज़िला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी, मुज़फ़्फ़रपुर
सदर थाना: कार्यपालक दंडाधिकारी (पूर्वी), मुज़फ़्फ़रपुर
सिकंदरपुर थाना: श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, मुशहरी
काजीमोहम्मदपुर व विश्वविद्यालय थाना: सहायक निदेशक, बाल संरक्षण इकाई,
मुज़फ़्फ़रपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्र (कांटी, मड़वन, मोतीपुर, पारू, साहेबगंज आदि): संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO), अंचलाधिकारी (CO), राजस्व अधिकारी, प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी एवं श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी तैनात रहेंगे।
चौकीदारों के माध्यम से दी जाएगी सूचना: प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि ग्रामीण क्षेत्रों के अनुज्ञप्तिधारी समाचार पत्रों के माध्यम से सूचना प्राप्त नहीं कर पाते हैं, तो संबंधित थानाध्यक्ष शस्त्र पंजी के अनुसार चौकीदार या दफ़ादार के ज़रिए उन्हें लिखित सूचना उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे।
बाहरी राज्यों के शस्त्रों पर कड़े निर्देश: जम्मू-कश्मीर, नागालैंड या देश के अन्य राज्यों से निर्गत/स्वीकृत शस्त्र लाइसेंसों के मामले में ज़िला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जब तक संबंधित राज्य या लाइसेंसिंग अथॉरिटी से सत्यापन रिपोर्ट प्राप्त नहीं होती, तब तक ऐसे सभी शस्त्र धारकों को 06 अक्टूबर 2026 तक अपने हथियार निकटतम थाने या अधिकृत शस्त्र प्रतिष्ठान में अनिवार्य रूप से जमा कराने का निर्देश दिया गया है।
लापरवाही बरतने पर होगी दंडात्मक कार्रवाई: निर्धारित समय सीमा के भीतर सत्यापन न कराने या बिना सत्यापन के हथियार व कारतूस रखने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। ऐसे शस्त्रों को अवैध माना जाएगा और संबंधित व्यक्ति पर आयुध अधिनियम 1959 एवं आयुध नियम 2016/1962 के तहत प्राथमिक दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
हिन्दुस्थान समाचार / मनोज कुमार