बिहार : सरकार ने 12 आईपीएस समेत 53 डीएसपी का किया स्थानांतरण

 


पटना, 01 जुलाई (हि.स.)। बिहार पुलिस विभाग में एक बार फिर बड़ा प्रशासनिक बदलाव देखने को मिला है। राज्य सरकार ने भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के 12 अधिकारियों सहित 53 डीएसपी रैंक के अधिकारियों का स्थानांतरण किया है। जिसमें डीजी रैंक से लेकर एसडीपीओ स्तर तक के अधिकारी शामिल हैं।

सम्राट चौधरी की अगुवाई वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार ने आईपीएस प्रीता वर्मा को गृह रक्षा वाहिनी का महानिदेशक बनाया है। ऱिशु श्री कांड में चर्चा में आए पंकज कुमार दाराद को विशेष निगरानी इकाई से स्थानांतरित कर अपर पुलिस महानिदेशक सह प्रबंध निदेशक पुलिस भवन निर्माण निगम में तैनात किया गया है। निर्मल कुमार आजाद को पुलिस महानिदेशक प्रशिक्षण के साथ-साथ पुलिस महानिदेशक मद्य निषेध का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। एडीजी सुधांशु कुमार को विशेष निगरानी इकाई का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

इसके अलावे गृह विभाग ने पुलिस प्रशासन में एक और बड़ा फेरबदल करते हुए 53 डीएसपी स्तर के अधिकारियों का तबादला किया है। बुधवार को जारी अधिसूचना के तहत कई अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। सरकार का यह कदम राज्य में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने, अपराध नियंत्रण को प्रभावी बनाने तथा पुलिस व्यवस्था को अधिक सक्षम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

जारी आदेश के अनुसार, कई डीएसपी स्तर के अधिकारियों को आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू), विशेष शाखा, बिहार पुलिस अकादमी, जिला पुलिस मुख्यालय, पुलिस प्रशिक्षण संस्थानों और विभिन्न जिलों में नई तैनाती दी गई है। वहीं कुछ अधिकारियों को फील्ड पोस्टिंग से हटाकर पुलिस मुख्यालय और प्रशिक्षण इकाइयों में पदस्थापित किया गया है।

इसके अलावा, पदोन्नति प्राप्त कई अधिकारियों को महत्वपूर्ण जांच एजेंसियों और विशेष इकाइयों में जिम्मेदारी सौंपी गई है। कुछ अधिकारियों की तैनाती पुलिस मुख्यालय की विशेष शाखा और अपराध अनुसंधान से जुड़ी इकाइयों में की गई है, ताकि खुफिया तंत्र और जांच व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

इस प्रशासनिक फेरबदल में कई जिलों के यातायात डीएसपी भी बदले गए हैं। सरकार का उद्देश्य यातायात प्रबंधन को बेहतर बनाना और जिलों में पुलिसिंग को अधिक प्रभावी करना है।

गृह विभाग का मानना है कि अधिकारियों के इस व्यापक तबादले से पुलिस बल की कार्यक्षमता में सुधार होगा। साथ ही राज्य में बेहतर प्रशासन, अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में भी यह फेरबदल महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। नई तैनाती के बाद संबंधित अधिकारी जल्द ही अपने नए पदों का कार्यभार संभालेंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद चौधरी