(अपडेट) बिहार कैबिनेट की बैठक में 64 एजेंडों पर मुहर, पुलिस भर्ती से लेकर पटना जू के नामकरण तक कई बड़े फैसले

 


पटना, 29 अप्रैल (हि.स.)। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार देर शाम संपन्न मंत्रिमंडल की बैठक में कुल 64 एजेंडों पर मुहर लगाई गई। बैठक में पुलिस भर्ती, यातायात व्यवस्था, शिक्षा, सड़क निर्माण, साइबर सुरक्षा, छात्रावास अनुदान और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।

कैबिनेट ने बिहार पुलिस में सीधी नियुक्ति पर अवर निरीक्षक एवं समकक्ष के सृजित 20,937 पदों में से 50 प्रतिशत पद प्रोन्नति से भरने का निर्णय लिया। इससे पुलिस विभाग में पदोन्नति की प्रक्रिया को गति मिलेगी और कार्यरत कर्मियों को अवसर प्राप्त होगा।

बेतिया राज की संपत्ति को निहित करने वाली नियमावली 2026 को भी स्वीकृति प्रदान की गई। वहीं राजकीय अतिथि शाला के अधीक्षक कृष्ण कुमार यादव की सेवा को एक वर्ष के लिए विस्तार दिया गया है।

बिहार के चार शहरों भागलपुर, मुजफ्फरपुर, बिहार शरीफ और गया के लिए यातायात पुलिस के विभिन्न श्रेणियों में 485 नए पदों के सृजन तथा पूर्व से सृजित 1606 पदों को कर्णांकित करने का निर्णय लिया गया। इससे शहरी यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

पटना के सदर अंचल की विभिन्न खेसरा की दो एकड़ से अधिक भूमि राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (निफ्ट) की स्थापना के लिए 10 रुपये की टोकन सलामी भुगतान पर 30 वर्षीय लीज पर देने का निर्णय लिया गया। इसमें लीज नवीनीकरण का विकल्प भी शामिल है।

पटना में साइबर अपराध इकाई और विशेष शाखा के लिए भवन एवं आधारभूत संरचना निर्माण के लिए 51 करोड़ 19 लाख 84 हजार 600 रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई। साथ ही वित्त विभाग में साइबर कोषागार के गठन और संचालन के लिए 23 नए पदों के सृजन को मंजूरी मिली।

बिहार आकस्मिकता निधि के स्थायी कार्य को 350 करोड़ रुपये से बढ़ाकर वित्तीय वर्ष 2026-27 में 13,900 करोड़ रुपये कर दिया गया है। यह राज्य की वित्तीय आपात जरूरतों को बेहतर ढंग से संभालने में सहायक होगा।

कैबिनेट ने बक्सर-आरा-मनेर गंगा पथ, जिसकी लंबाई 90 किलोमीटर है, को पीपीपी मोड पर बिहार राज्य सड़क विकास निगम (बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन) के माध्यम से लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। इसके लिए डीपीआर, परामर्शी और ट्रांजैक्शन एडवाइजर की सेवाएं भी ली जाएंगी।

पटना के संजय गांधी जैविक उद्यान का नाम बदलकर अब “पटना जू” कर दिया गया है। इसके साथ ही इसकी संचालन समिति का नाम भी बदलकर “पटना जू प्रबंधन एवं विकास समिति” कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री विद्युत उपभोक्ता सहायता योजना के अंतर्गत 23,165 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई। वहीं वैशाली जिले के बिदुपुर से सारण जिले के दिघवारा तक 50 किलोमीटर लंबाई में गंगा पथ निर्माण को भी मंजूरी दी गई।

मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति छात्रावास अनुदान योजना के तहत छात्रावास अनुदान राशि 1000 रुपये से बढ़ाकर 2000 रुपये कर दी गई है। बिहार में संचालित 139 छात्रावासों में लगभग 10,500 छात्र-छात्राओं को इसका लाभ मिलेगा।

इसके अलावा सात निश्चय-3 के तहत “उन्नत शिक्षा, उज्ज्वल भविष्य” योजना के अंतर्गत सभी जिला स्कूलों और प्रत्येक प्रखंड में चयनित एक-एक उच्च माध्यमिक विद्यालय को आदर्श विद्यालय के रूप में विकसित करने के लिए 8 अरब रुपये खर्च करने की स्वीकृति भी दी।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री विद्युत उपभोक्ता सहायता योजना के तहत सरकार ने 2026-27 के लिए 23,165 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं, ताकि बिजली उपभोक्ताओं को सब्सिडी मिल सके।

बक्सर-आरा-मनेर गंगा पथ 90 किलोमीटर है, जिससे पीपीपी मोड में बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड के माध्यम से बनाने की स्वीकृति दी गई है। इसके साथ ही बिदुपुर से दिघवारा तक 50 किलोमीटर गंगा पथ का निर्माण कराया जाएगा।

सात निश्चय तीन योजना के तहत उन्नत शिक्षा उज्जवल भविष्य के तहत सभी जिला स्कूल और प्रत्येक प्रखंड में चयनित एक-एक उच्च माध्यमिक विद्यालय को आदर्श विद्यालय के रूप में विकसित किया जाएगा। इसको लेकर 8 अरब रुपये की स्वीकृति दी गई है।

इसके अलावा, बांका में 49 एकड़ में सिपाही ट्रेनिंग स्कूल (सीटीसी) बनेगा। गयाजी में उत्तर कोयल नहर परियोजना के लिए 6.07 एकड़ जमीन दी गई। बांका में 132/33 केवी का नया बिजली ग्रिड बनेगा। संजय गांधी डेयरी टेक्नोलॉजी का नाम बदलकर “बिहार स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ डेयरी टेक्नोलॉजी” कर दिया गया।मेडिकल कॉलेजों में मरीजों के परिजनों के लिए सीएस आर फंड से विश्राम गृह बनेंगे। पीरपैंती थर्मल पावर प्रोजेक्ट के लिए जमीन पर स्टांप-रजिस्ट्रेशन फीस पूरी तरह माफ होगी।

वहीं, सभी नगर निकायों में ई-गवर्नेंस लागू करने पर 119.90 करोड़ रुपये खर्च होंगे। पटना के दीघा और कंकड़बाग में सीवरेज के लिए 72.65 करोड़ खर्च होंगे।

मुजफ्फरपुर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स के लिए 93.75 करोड़ मंजूर। 208 प्रखंडों में नए डिग्री कॉलेज खुलेंगे, 9152 नई नौकरियां बनेंगी।

पटना में निफ्ट (फैशन संस्थान) खोलने के लिए जमीन दी जाएगी। 90 दिन से पुराने ट्रैफिक चालान निपटाने के लिए 2026 में विशेष योजना आएगी। 50 करोड़ तक के सरकारी ठेकों में बिहार के ठेकेदारों को प्राथमिकता मिलेगी।

इनके अतिरिक्त, कैबिनेट निर्णयों के अनुसार, हर जिले और प्रखंड के कुछ स्कूलों को मॉडल स्कूल बनाने के लिए 800 करोड़ रुपए मिलेंगे। पर्यावरण विभाग में नया इंजीनियरिंग डिवीजन बनेगा, 63 पद सृजित होंगे। गांवों के श्मशान घाट और कब्रिस्तान के रखरखाव के लिए 69.79 करोड़ रुपए खर्च होंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद चौधरी