मुआवजा भुगतान के बाद भोलानाथ फ्लाईओवर के काम ने पकड़ी रफ्तार, 41 में से 37 पिलर बनकर तैयार

 


भागलपुर, 30 अक्टूबर (हि.स.)। शहर के लोगों को महाजाम से मुक्ति दिलाने वाले बहुप्रतीक्षित भोलानाथ पुल ओवरब्रिज और फ्लाईओवर निर्माण को लेकर एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है।

परियोजना की राह में लंबे समय से रोड़ा बनी मिरजानहाट शीतला स्थान चौक के पास भूमि अधिग्रहण की समस्या का समाधान हो गया है। भू-अर्जन के लिए 15 करोड़ की मुआवजा राशि का भुगतान कर दिया गया है, जिसके बाद बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के लिए पिलर खड़े करने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।

अधिकारियों के अनुसार, छठ पूजा के तुरंत बाद इस चिन्हित हिस्से में पिलर निर्माण का काम युद्धस्तर पर शुरू कर दिया जाएगा। पथ निर्माण विभाग और पुल निर्माण निगम की हालिया प्रगति रिपोर्ट के मुताबिक, फ्लाईओवर के लिए कुल 41 पिलर बनाए जाने हैं। इनमें से 37 पिलरों का निर्माण कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया जा चुका है।

इसके साथ ही 33 पिलरों को आपस में जोड़ने का काम भी मुकम्मल हो गया है। आंकड़ों के अनुसार, फाउंडेशन का कार्य 96% से 98%, सब-स्ट्रक्चर का 76% से 87%, और सुपर-स्ट्रक्चर का लगभग 60% कार्य पूरा हो चुका है। परियोजना की देरी और वर्तमान अड़चनों को लेकर बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के मुख्य अभियंता ने स्थिति स्पष्ट की है।

उन्होंने कहा कि मिरजानहाट में मुआवजा भुगतान के बाद काम में तेजी आई है। रेलवे ट्रैक के ऊपर गर्डर लॉन्चिंग और इशाकचक पिलर निर्माण के लिए पूर्व रेलवे के साथ मिलकर संयुक्त निरीक्षण किया गया है। रेलवे सुरक्षा मानकों के तहत, गर्डर लॉन्चिंग और पिलर ढलाई के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कुछ दिनों का ट्रैफिक ब्लॉक लेना अनिवार्य है, जिसकी तकनीकी अनुमति प्रक्रियाधीन है।

जनता को हो रही परेशानी को देखते हुए हमने काम की रफ्तार बढ़ाने का निर्देश दिया है और हमारी कोशिश 30 जून 2027 की नई आधिकारिक डेडलाइन के भीतर परियोजना को पूर्ण करने की है। काम में तेजी आने के बावजूद भीखनपुर त्रिमूर्ति चौक के आगे और बौंसी रेलवे पुल संख्या-2 पर बन रहे आरओबी के मिरजानहाट वाले हिस्से में जमीन हस्तांतरण का पेंच फंसा हुआ है। मुख्य अभियंता के अनुसार, त्रिमूर्ति चौक के पास भू-अर्जन के लिए 39 करोड़ का मुआवजा जल्द बांटे जाने की तैयारी चल रही है, जिसके लिए रैयतों और स्थानीय दुकानदारों से लगातार वार्ता जारी है ताकि किसी प्रकार का गतिरोध न हो।

इसके साथ ही, रेलवे यार्ड का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट चालू न होने के कारण गंदा पानी सीधे पुल के नीचे गिर रहा है, जिससे काम करने में बाधा आ रही है। नगर निगम और रेलवे के बीच इसे लेकर समन्वय बनाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि जलजमाव की समस्या पर काबू पाया जा सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर