धान रोपनी कार्यक्रम में शामिल हुए बीएयू के कुलपति

 


भागलपुर, 17 जुलाई (हि.स.)। भागलपुर के सबौर कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. डी. आर. सिंह ने शुक्रवार को विश्वविद्यालय प्रक्षेत्र पहुँचकर, छात्र-छात्राओं और वैज्ञानिकों के साथ धान-रोपनी कार्यक्रम में भाग लिये। उन्होंने छात्र-छात्राओं से धान की खेती से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रश्न पूछे - धान की रोपाई कितनी दूरी पर करनी चाहिए, एक जगह कितना बिचड़ा डालना चाहिए, कितने दिनों का बिचड़ा रोपना चाहिए इत्यादि। छात्रों द्वारा संतोषप्रद उत्तर पाकर कुलपति काफी खुश हुए। चतुर्थ एवं षष्ठम षड़मास के स्नातक तथा सस्य विज्ञान विभाग के एमएससी और पीएचडी के छात्र-छात्राओं एवं विभाग के वैज्ञानिकों के साथ कुलपति का खेत में उतर धान की रोपनी करना, छात्रों के लिए काफी रोमांचक और उत्साहवर्धक रहा।

छात्रों से बातचीत करते हुए कुलपति ने कहा कि ‘‘धान’’ बिहार और पूरे देश का मुख्य फसल है, जिस पर लाखों किसान परिवारों की आजीविका निर्भर करती है। धान की अच्छी पैदावार के लिए सही समय, सही दूरी और पौध (बिचड़ा) की सही उम्र का ध्यान रखना जरूरी होता है। ‘‘कर के सीखों’’ का यह कार्यक्रम सभी छात्र-छात्राओं को धान की रोपनी में दक्ष बनाने के लिए कारगर सिद्ध होगा। उन्होंने छात्रों को व्यावहारिक ज्ञान पर अधिक ध्यान देने की सलाह दी और कहा कि केवल किताबी ज्ञान से अच्छा कृषि वैज्ञानिक या किसान नहीं बना जा सकता।

उन्होंने छात्रों की उच्च शिक्षा के लिए भी प्रेरित किया साथ ही वैज्ञानिकों को हर फसल की खेती पर इस तरह के कार्यक्रम का आयोजित करने के निर्देश दिये। इस मौके पर डॉ. फिजा अहमद (निदेशक, बीज एवं प्रक्षेत्र), डॉ. संजय कुमार (अधिष्ठाता, स्नातकोत्तर अध्ययन-सह-अध्यक्ष, सस्य विज्ञान विभाग), डॉ. राजेश कुमार (निदेशक प्रशासन) और डॉ. शम्भु प्रसाद (प्रभारी पदाधिकारी, प्रक्षेत्र) सहित सस्य विज्ञान विभाग एवं पौधा प्रजनन विभाग के शिक्षक एवं वैज्ञानिकगण उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर