बीएयू का नौवां दीक्षांत समारोह, 443 विद्यार्थियों को मिली उपाधि

 




भागलपुर, 24 अप्रैल (हि.स.)। जिले के बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर में नौवां दीक्षांत समारोह शुक्रवार को भव्य तरीके से आयोजित किया गया। इस अवसर पर बिहार के राज्यपाल विशेष रूप से उपस्थित रहे, जिनका पारंपरिक तरीके से मखाना की माला पहनाकर स्वागत किया गया।

कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने विश्वविद्यालय परिसर में नवनिर्मित स्विमिंग पूल का उद्घाटन भी किया। कुलपति की अध्यक्षता में आयोजित इस समारोह में विश्वविद्यालय परिवार, अतिथियों और अभिभावकों की गरिमामयी उपस्थिति देखने को मिली। आयोजन को सफल बनाने के लिए पूर्व में गठित 22 समितियों ने अहम भूमिका निभाई। इस अवसर पर स्नातक, स्नातकोत्तर एवं पीएचडी स्तर के कुल 443 विद्यार्थियों को उपाधि प्रदान की गई।

इनमें स्नातक स्तर के 339 (149 छात्र एवं 190 छात्राएं), स्नातकोत्तर स्तर के 91 (54 छात्र एवं 37 छात्राएं) तथा पीएचडी के 13 (6 छात्र एवं 7 छात्राएं) शामिल रहे। सभी विद्यार्थियों को उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया। समारोह में छात्र-छात्राएं निर्धारित पारंपरिक परिधान में नजर आए, जिससे कार्यक्रम की गरिमा और बढ़ गई। छात्रों ने उजला कुर्ता-पायजामा, लेमन रंग की पगड़ी और विश्वविद्यालय का अंगवस्त्र धारण किया, जबकि छात्राओं ने सफेद सलवार, लेमन येलो कुर्ती या साड़ी के साथ लाल ब्लाउज एवं पारंपरिक अंगवस्त्र पहनकर हिस्सा लिया।

इस दौरान विश्वविद्यालय द्वारा “सर्वश्रेष्ठ शिक्षक पुरस्कार” और “सर्वश्रेष्ठ शोधार्थी (थीसिस) पुरस्कार” भी प्रदान किए गए। साथ ही सात मेधावी छात्र-छात्राओं को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए गोल्ड मेडल देकर सम्मानित किया गया। दीक्षांत समारोह में वितरित प्रमाण-पत्र आधुनिक तकनीक और विशेष सुरक्षा फीचर्स से लैस रहे। इनमें माइक्रो प्रिंटिंग और क्यूआर कोड जैसी सुविधाएं शामिल थीं, जिससे प्रमाण-पत्रों की सत्यता सुनिश्चित की जा सके।

क्यूआर कोड स्कैन करने पर संबंधित छात्र की पूरी जानकारी आसानी से उपलब्ध हो जाती है विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि सभी प्रमाण-पत्र डिजिलॉकर पर भी उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे छात्र-छात्राएं अपने दस्तावेज सुरक्षित रूप से ऑनलाइन प्राप्त कर सकें। समारोह के सफल आयोजन के साथ ही विश्वविद्यालय ने एक बार फिर शैक्षणिक उत्कृष्टता और आधुनिक तकनीक के समन्वय का उदाहरण प्रस्तुत किया। यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए गौरव का क्षण होने के साथ उनके उज्ज्वल भविष्य की नई शुरुआत भी साबित हुआ।

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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर