स्मार्ट सिटी भागलपुर में बुनियादी सुविधाएँ नदारद, समस्याओं के समाधान के लिए व्यापक गोलबंदी की ज़रूरत
भागलपुर, 26 सितंबर (हि.स.)। बिहार जनसंघर्ष समिति की ओर से स्थानीय कलाकेंद्र में भागलपुर की जनसमस्याएँ एवं उनके समाधान विषय पर एक महत्वपूर्ण परिचर्चा का आयोजन किया गया।
इस बैठक में शहर के विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक एवं सांस्कृतिक कार्यकर्ताओं तथा बुद्धिजीवियों ने हिस्सा लिया और भागलपुर की बदहाली पर गहरी चिंता व्यक्त की।
परिचर्चा की अध्यक्षता अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा के पूर्व कुलपति प्रो. डॉ. मनोज कुमार ने की। कार्यक्रम का संचालन समिति के संयोजक गौतम कुमार ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन समिति के संरक्षक संजय कुमार सिंह ने किया।
परिचर्चा की अध्यक्षता करते हुए प्रो. डॉ. मनोज कुमार ने कहा कि भागलपुर सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समृद्ध होने के बावजूद विकास की दौड़ में उपेक्षित है।
बिहार का पहला स्मार्ट सिटी होने के बावजूद यहाँ का समग्र विकास नहीं हो पाया है। स्मार्ट सिटी के नाम पर जनता पर भारी टैक्स का बोझ तो डाल दिया गया, लेकिन बुनियादी सुविधाएँ आज भी गायब हैं। शहरवासी लगातार जाम, जलजमाव और साफ-सफाई जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहे हैं।
उन्होंने जिलाधिकारी से मांग की कि सिटी प्लानिंग के तहत किए गए पूर्ण और अधूरे कार्यों का पूरा विवरण सार्वजनिक किया जाए, ताकि जनता को योजनाओं की असल सच्चाई पता चल सके। इससे पहले, समिति के संयोजक गौतम कुमार ने पिछले दिनों किए गए कार्यों की समीक्षा रिपोर्ट साझा की।
उन्होंने बाढ़ जैसी भीषण आपदा के दौरान जिला प्रशासन और जिलाधिकारी द्वारा किए गए राहत कार्यों की सराहना करते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि इन सभी ज्वलंत मुद्दों को लेकर जल्द ही जिलाधिकारी, महापौर और नगर आयुक्त से मिलकर एक मांग पत्र (ज्ञापन) सौंपा जाएगा। इसके साथ ही, आगामी नवंबर महीने में बिहार जनसंघर्ष समिति द्वारा आम नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ एक बड़े 'संवाद कार्यक्रम' का आयोजन किया जाएगा।
इस अवसर पर डॉ. जयंत जलद, गौतम कुमार, उज्जवल घोष, उदय, ललन, मृदुला सिंह, संजय कुमार सिंह, जानी हमीदी, मंजर आलम, मो. बाकिर हुसैन, मो. काबुल सहित शहर के कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर