किशनगंज में बैंकर्स जागरूकता बैठक में पशुपालन-मछलीपालन को भी केसीसी से जोड़ने की पहल
किशनगंज, 29 अक्टूबर (हि.स.)। जिले में कृषि एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए किसानों और ग्रामीण उद्यमियों तक संस्थागत ऋण की पहुंच बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। इसी कड़ी में गुरुवार को नाबार्ड की ओर से बैंकर्स जागरूकता बैठक आयोजित की गई। इसमें बैंकों को पात्र किसानों के ऋण आवेदनों का समयबद्ध निष्पादन करने तथा कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में ऋण प्रवाह बढ़ाने की सलाह दी गई।
बैठक में जिला कृषि पदाधिकारी प्रभात कुमार, अग्रणी जिला प्रबंधक (एलडीएम) अखिलेश कुमार, नाबार्ड के डीडीएम पुष्कर चौधरी और जिला मत्स्य पदाधिकारी मनोज कुमार सहित विभिन्न बैंकों, आरसेटी, डेयरी विभाग एवं सीएफएल के प्रतिनिधि शामिल हुए।बैठक में किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के माध्यम से फसल उत्पादन के साथ पशुपालन और मत्स्यपालन के लिए भी ऋण उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया गया। अधिकारियों ने बैंकों से अधिक से अधिक पात्र किसानों को संस्थागत ऋण से जोड़ने और उनकी वास्तविक जरूरतों के अनुसार वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने को कहा। किशनगंज की कृषि संभावनाओं को देखते हुए अनानास, ड्रैगन फ्रूट, मत्स्यपालन और चाय जैसे क्षेत्रों में परियोजना आधारित वित्तपोषण को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया गया।
बैंकों से इन क्षेत्रों की संभावनाओं का आकलन कर किसानों एवं कृषि उद्यमियों को ऋण उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया। साथ ही वार्षिक ऋण योजना के निर्धारित लक्ष्यों और प्राथमिकता क्षेत्र में ऋण वितरण बढ़ाने की आवश्यकता बताई गई।
बैठक में छोटे एवं सीमांत किसानों को समूह आधारित वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के लिए संयुक्त देयता समूह (जेएलजी) के गठन और उन्हें बैंकों से जोड़ने पर भी चर्चा हुई। कृषि अवसंरचना, किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ), क्लस्टर विकास और ग्रामीण उद्यमिता से जुड़ी योजनाओं में बैंकों की सक्रिय भागीदारी बढ़ाने की अपील की गई।
नाबार्ड ने ऋण स्वीकृति एवं वितरण में निर्धारित नियमों का पालन, दस्तावेजों की जांच और संभावित अनियमितताओं के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी। समापन पर डीडीएम पुष्कर चौधरी ने बैंकों एवं संबंधित विभागों से बेहतर समन्वय बनाकर कृषि और ग्रामीण विकास में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।
हिन्दुस्थान समाचार / धर्मेन्द्र सिंह