पांच दिवसीय बैंकिंग समेत लंबित मांगों को लेकर बैंककर्मियों का प्रदर्शन
दरभंगा, 11 सितंबर (हि.स.)। पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने, पीएलआई में भेदभाव समाप्त करने और फरवरी 2024 के द्विपक्षीय समझौते में तय मांगों को लागू करने की मांग को लेकर यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) के आह्वान पर बैंककर्मियों ने राष्ट्रव्यापी एकदिवसीय हड़ताल की। इसके तहत दरभंगा शहर के राष्ट्रीयकृत बैंकों की शाखाएं बंद रहीं। बैंककर्मियों ने यूएफबीयू के जिला संयोजक रमण कांत मिश्रा एवं सहसंयोजक शरदंत कुमार के नेतृत्व में दरभंगा टावर पर प्रदर्शन कर सभा की।
सभा को वरिष्ठ बैंकर अजीत कुमार सिंह, आनंद मोहन ठाकुर, रामाधार सिंह, प्रदीप मिश्रा, सुनील झा एवं आलम जी ने संबोधित किया। वक्ताओं ने कहा कि बैंककर्मी वर्ष 2012 से पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था की मांग कर रहे हैं। फरवरी 2024 में सरकार और आईबीए के साथ हुए द्विपक्षीय समझौते में इसे स्वीकार किए जाने के बावजूद अब तक लागू नहीं किया गया है।
आईबीओसी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सरोज सिंह ने कहा कि सरकार की वादाखिलाफी के कारण बैंककर्मी आंदोलन के लिए मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि मांगें पूरी नहीं होने पर 28, 29 एवं 30 सितंबर को तीन दिवसीय हड़ताल तथा 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी।
सभा को विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधियों के अलावा आईआईबीसी के जिला प्रभारी राजीव चौधरी, सीटू के नारायण झा, किसान सभा के अहमद अली तमन्ना एवं खेत मजदूर यूनियन के चन्द्रेश्वर प्रसाद सिंह ने भी संबोधित किया।
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हिन्दुस्थान समाचार / Krishna Mohan Mishra