इटाढी-बक्सर रेलवे फाटक नहीं खुला तो पूरे दिन के लिए होगा रेलवे चक्का जाम : प्रदर्शनकारी

 


बक्सर, 18 जुलाई (हि.स.)।

शनिवार की दोपहर में तब अफरा तफरी का माहौल कायम हो गया जब इटाढी रेलवे फाटक के समीप सामाजिक संगठन से जुड़े लोग रेलवे ट्रैक को जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिए । हालांकि घंटों मशक्कत के बाद आरपीएफ के द्वारा ट्रैक को खाली करा लिया गया तब इधर-उधर खड़ी कई एक्सप्रेस एवं पैसेंजर गाड़ियां अपने गंतव्य की ओर निकल सकी।

जब से इटाढी बक्सर आर आरओबी बंद पड़ा है तब से कई सामाजिक एवं राजनीतिक संगठन से जुड़े लोग इटाढी फाटक को खोलने के लिए प्रयासरत है । इसके लिए लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं डीआरएम के यहां पत्र भेज रहे हैं मिल भी रहे हैं परंतु डीआरएम के तरफ से साफ कह दिया गया है कि यह फाटक नहीं खुलेगा । अब नया तरीका ट्रैक को जाम करने का अपनाया जा रहा है। आज तो ट्रैक को खाली करा लिया गया परंतु अल्टीमेटम दे गए लोग की अगले 10 दिनों में फाटक नहीं खुलता है तो हम लोग इससे भी बड़ा प्रदर्शन करेंगे और पूरे दिन रेल चक्का जाम होगा।

दरअसल इटाढी आरओबी का जो निर्माण हुआ और निर्माण के बाद जो उद्घाटन हुआ तो उद्घाटन के महज एक सप्ताह के अंदर ही पुल के अंदर खामियां आ गई । पाया ध्वस्त हो गया जिसके चलते आवागमन रोक दिया गया। उधर जैसे ही आर आरओबी निर्माण होने के बाद पुल चालू होता है और उधर रेलवे इटाढी फाटक को बंद कर देता है । जब पुल में खामी आ गई और वह अगले आदेश तक बंद हो जाता है तो लोगों को आने-जाने के लिए पांडे पट्टी गुमटी का सहारा लेना पड़ा । परंतु ये रास्ता इतना संकीर्ण है कि लोग परेशान हो रहे हैं लोगों की गाड़ियां फस रही है स्कूली बच्चे कॉलेज के बच्चे परेशान हो रहे हैं इसी को देखते हुए इटाढी फाटक खोलने की मांग हो रही है परंतु यह अभी तक नहीं खुला है।

सामाजिक संगठन से जुड़े सरोज राजभर ने बताया कि यह प्रदर्शन पूरे बक्सर का प्रदर्शन है इस मार्ग से आने-जाने वाले लोगों का प्रदर्शन है जो पुलिसकर्मी पुलिस लाइन में आते जाते हैं उनका प्रदर्शन है स्कूली बच्चों का प्रदर्शन है अगर यह नहीं खुलता है तो काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और हम लोग इसको खुलवा कर रहेंगे । यही नहीं अगले 10 दिनों के बाद पुनः पूरी तरह से रेल चक्का जाम होगा।

आरपीएफ इंस्पेक्टर की माने तो रेलवे ट्रैक पर जैसे ही प्रदर्शनकारी आए वैसे ही हम लोगों ने मोर्चा संभाला उन्हें समझाने का प्रयास किया गया और फिर उन्हें शांति तरीके से ट्रैक से हटाया गया ताकि जो गाड़ियां इधर-उधर रुकी हुई है वह अपने गंतव्य की ओर निकल सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / Jitendra Mishra