बाल संसद के मंचन से बच्चों ने दिया शिक्षा, रोजगार और पर्यावरण संरक्षण का संदेश

 


अररिया 17 अगस्त(हि.स.)। मध्य विद्यालय अमौना में सोमवार को बाल संसद नाटक का प्रभावशाली मंचन किया गया। नाटक के माध्यम से विद्यार्थियों ने शिक्षा को रोजगारोन्मुखी बनाने, पर्यावरण संरक्षण, बाढ़ प्रबंधन, भूजल संरक्षण तथा ग्रामीण रोजगार के अवसर बढ़ाने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर समाज और सरकार का ध्यान आकर्षित किया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला शिक्षा एवं शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय के प्राचार्य मो. मोईनुद्दीन खान, उप-प्राचार्य मो. आफताब आलम तथा समाजसेवी शत्रुघ्न यादव उपस्थित रहे।

बाल संसद के मंचन में बच्चों ने कोशी-मेची परियोजना को केवल नहर निर्माण तक सीमित रखने के बजाय इसे पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विकास से जोड़ने का संदेश दिया। विद्यार्थियों ने नहरों के पूर्ण कंक्रीटीकरण के संभावित पर्यावरणीय प्रभावों की ओर ध्यान आकृष्ट करते हुए जल संरक्षण और भूजल पुनर्भरण को प्राथमिकता देने की आवश्यकता बताई।

बच्चों ने बाढ़ की समस्या का स्थायी समाधान सुझाते हुए बाढ़ के अतिरिक्त पानी को बड़े-बड़े जलाशयों में संग्रहित करने की बात कही। इससे एक ओर बाढ़ की विभीषिका को कम किया जा सकता है, वहीं दूसरी ओर भूजल स्तर में सुधार तथा सिंचाई के लिए जल की उपलब्धता बढ़ाई जा सकती है।

नाटक में ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन के लिए मत्स्यपालन, मुर्गीपालन, बत्तखपालन, वृक्षारोपण तथा जल आधारित अन्य गतिविधियों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया। विद्यार्थियों का संदेश था कि बिहार में उपलब्ध जल संसाधन और मानव संसाधन का बेहतर समन्वय कर रोजगार के नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं और बेरोजगारी की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

कार्यक्रम में समाजसेवी शत्रुध्न यादव, उच्च माध्यमिक विद्यालय अमौना के प्राचार्य श्रेयसी प्रिया,मध्य विद्यालय अमौना के प्रधानाध्यापक मुरली कुमार, वरिष्ट शिक्षक राकेश कुमार, राजीव कुमार के साथ दर्जनों शिक्षक उपस्थित थे।

हिन्दुस्थान समाचार / राहुल कुमार ठाकुर