जागरूकता से ही संभव है कुपोषण मुक्त समाज की स्थापना: ज्योति

 


नवादा, 21 अप्रैल (हि.स.)।नवादा के नरहट बाल विकास परियोजना के मंगलवार को नरहट प्रखंड के छोटी पाली सहित अन्य आंगनबाड़ीमें पोषण पखवाड़े समारोह का आयोजन बाल विकास परियोजना पदाधिकारी ज्योति सिन्हा तथा महिला पर्यवेक्षिका माधवी कुमारी के देखरेख में की गई। जिसमें नरहट के बाल विकास परियोजना पदाधिकारी ज्योति सिन्हा ने महिलाओं तथा बच्चों को मोबाइल कम देखने ,जंग फूड नहीं खाने तथा पैकेट में बंद भोजन नहीं खाने की सलाह देते हुए बेहतर जीवन जीने के कला सिखाई ।उन्होंने कहा कि कुपोषण का सबसे बड़ा करण खान-पान है। हम खान-पान के मर्यादाओं का पालन करना भूल गए हैं। इस कारण ही कुपोषण का प्रभाव समाज में बढ़ा है।

उन्होंने कहा है कि कुपोषण मुक्त समाज बनाने के उद्देश्य जागरूक होना जरूरी है। ताकि हम जीवन जीने के सही कला की जानकारी रख सकें ।उन्होंने समारोह के साथही गांव में घूम कर महिलाओं तथा बच्चों को बेहतर जीवन पद्धति की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पोषण पखवाड़े को एक अभियान के रूप में चलाया जा रहा है। ताकि समाज को कुपोषण से मुक्ति कराया जा सके। पोषण पखवाड़े के अवसर पर जागरूकता रैली भी निकाली गई। इसके माध्यम से कुपोषण रहित समाज के निर्माण का संकल्प दिलाया गया।

सीडीपीओ ज्योति ने बताया कि मंगलवार को पोषण पखवारा गतिविधि अंतर्गत सेविकाओं और महिला पर्यवेक्षिका द्वारा पोषक क्षेत्र के लाभुकों को 3 से 6 साल के बच्चों को खेल खेल में पढाई करने देने हेतु आंगनवाड़ी केंद्रों में आने की अपील की गई ।ताकि 6 साल से नीचे उम्र के बच्चों को स्कूल में भेजकर उनपर होम वर्क और आने जाने के थकान से मानसिक विकास अवरुद्ध न हो जाए,साथ ही बच्चों को जंक फूड खाने और मोबाइल स्क्रीन से दूर रखने पर चर्चा की गई,एवं पोषण सम्बन्धी 5 सूत्र के अवगत कराया गया। विशेष कर गर्भवती धात्री माताओं को कि वे खून की कमी से दूर रहे, स्वच्छता का हर समय ध्यान रखे,गर्मी में लू और डायरिया होने पर कैसे बचाओ करे,साथ ही केंद्रों पर पुराने खिलौने खासकर हाथ से बने खिलौनों और रखरखाव संबंधी वस्तुओं को उपहार स्वरूप सेविका को दे जिससे बच्चों को नए नए तरीके से स्कूल पूर्व शिक्षा दी जा सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजय कुमार सुमन