ऑटिज्म एक न्यूरोलॉजिकल स्थिति, ग्रसित बच्चों के प्रति सहानुभूति नहीं प्यार की जरूरत : डॉ. आभा
कटिहार, 02 अप्रैल (हि.स.)। कोशी क्षेत्रीय विकलांग विधवा वृद्ध कल्याण समिति द्वारा सदर अस्पताल परिसर में विश्व ऑटिज्म दिवस के अवसर पर एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में ऑटिज्म से ग्रसित बच्चों के प्रति संवेदनशीलता और समझ को बढ़ावा देना था।
कार्यक्रम का उद्घाटन सदर अस्पताल के मनोचिकित्सक डॉ. आभा कुमारी, शिव शंकर रमानी, भूतपूर्व सैनिक, सागर कुमार यादव और मेराज आलम द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया।
डॉक्टर आभा कुमारी ने कहा कि ऑटिज्म कोई बीमारी नहीं, बल्कि एक न्यूरोलॉजिकल स्थिति है। ऐसे बच्चों को सहानुभूति की नहीं, बल्कि प्यार और सही मार्गदर्शन की आवश्यकता है। यदि सही समय पर पहचान और थेरेपी मिले, तो ये बच्चे भी समाज की मुख्यधारा में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं।
राष्ट्रीय न्यास के सदस्य मोहन कुमार ने बताया कि सरकारी स्तर पर ऑटिज्म से पीड़ित बच्चों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। उन्होंने जोर दिया कि ग्रामीण क्षेत्रों में इस विकार को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करना हमारी प्राथमिकता है।
समिति के सदस्यों ने कटिहार और आस-पास के क्षेत्रों में ऑटिज्म के प्रति जागरूकता अभियान को निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में सागर कुमार सुमन, मोहम्मद मेराज आलम, राजीव कुमार सिंह, रवि कुमार दास, आशा देवी, लोको, जूली शर्मा शौकत हुसैन, सुनीता देवी, शान, मरजीना खातून आदि कार्यकर्ता प्रमुख रूप से शामिल थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / विनोद सिंह