आर्म्स एक्ट के दोषी को पांच साल की सजा, 10 हजार रुपये जुर्माना

 


किशनगंज, 14 सितंबर (हि.स.)। आर्म्स एक्ट के मामले में अदालत ने सोमवार को दोषी नूर इस्लाम उर्फ मुक्का को पांच वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही उस पर 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।

जुर्माने की राशि जमा नहीं करने पर दोषी को तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। सजा का फैसला मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी मुक्तेश मनोहर की अदालत ने सुनाया। दोषी नूर इस्लाम उर्फ मुक्का पश्चिम बंगाल के इस्लामपुर थाना क्षेत्र के रामपुर रूहिया का निवासी है। मामला जीआर संख्या 570/20 एवं किशनगंज सदर थाना कांड संख्या 150/20 से संबंधित है।

अभियोजन के अनुसार, वर्ष 2020 में सदर थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि बंगाल सीमा के पास एक व्यक्ति अवैध हथियार लेकर घूम रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने बंगाल सीमा स्थित पासवान चौक के समीप घेराबंदी की।

इस दौरान संदिग्ध अवस्था में घूम रहे नूर इस्लाम उर्फ मुक्का को पुलिस ने पकड़ लिया। तलाशी लेने पर उसके पास से एक देशी कट्टा और चार जिंदा कारतूस बरामद किए गए।

इसके बाद सदर थाना में आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने मामले की जांच पूरी कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से जिला अभियोजन पदाधिकारी मिथिलेश कुमार ने प्रभावी ढंग से पक्ष रखते हुए दोषी को कड़ी सजा देने की मांग की।

अदालत ने गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के अवलोकन के बाद नूर इस्लाम को दोषी करार देते हुए पांच वर्ष के कठोर कारावास एवं 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।

हिन्दुस्थान समाचार / धर्मेन्द्र सिंह