एलएडीसी ने गठन के तीन साल में 91.7 फीसदी मामलों का किया निष्पादन
अररिया 30 अगस्त(हि.स.)। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से शुरू की गई योजना लीगल एड डिफेंस काउंसिल (एलएडीसी) अररिया जिला में 2 नवंबर 2023 को अस्तित्व में आई।आपराधिक मामलों में समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों को मुफ्त व गुणवत्तापूर्ण कानूनी सहायता देने को लेकर राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से 2022 में अखिल भारतीय स्तर पर शुरू करने के लिए प्लान लाई गई थी लेकिन जिला में नवम्बर 2023 में अस्तित्व में आने के बाद इसके चीफ के पद पर वरिष्ठ अधिवक्ता विनय कुमार ठाकुर के नेतृत्व में डिप्टी चीफ के रूप में सोहनलाल ठाकुर, दुखमोहन यादव और सहायक के रूप में अधिवक्ता अरुणेश गौरव और सोनी कुमारी ने कार्यभार शुरू किया।
नवम्बर 2023 से जुलाई 2026 के आंकड़ों पर गौर करे तो केस के ट्रायल और बेल के कुल 928 मामलों में 851 मामलों का निष्पादन किया गया,जबकि 77 मामले पेंडिंग हैं।इस तरह गठन से लेकर इस तीन साल के दौरान 91.7 फीसदी आपराधिक मामलों का निषादन एलएडीसी के माध्यम से हुई।वर्ष 2023 में ट्रायल और बेल के 36 मामलों में 28 का निष्पादन और 8 मामले लंबित रहे।वर्ष 2024 में लंबित मामलों के साथ कुल 286 मामलों में 226 का निष्पादन और 60 लंबित रहे।वहीं वर्ष 2025 में लंबित सहित कुल 409 मामलों में 333 का निष्पादन और 76 लंबित रहा।जबकि जुलाई 2026 तक में लंबित सहित कुल 341 मामलों में 264 का निष्पादन और 77 मामले लंबित हैं।
जमानतीय मामलों में भी एलएडीसी का प्रदर्शन बढ़िया रहा।तीन साल के दौरान कुल जमानत के कुल 604 आवेदन में 431 में जमानत मंजूर हुआ,जबकि 153 जमानत के आवेदन कोर्ट के द्वारा रिजेक्ट किए गए।इस तरह तीन साल के दौरान कुल 71.3 फीसदी आवेदन जमानत के लिए मंजूर किए गए।तीन साल के दौरान एलएडीसी के द्वारा 5598 आपराधिक मामलों या अदालती प्रक्रियाओं के तहत रिमांड वर्क किया गया।रिमांड पर 43 आरोपितों को जमानत और 99 आरोपितों को निजी मुचलका पर रिलीज किया गया।
जानकारी देते हुए एलएडीसी के चीफ विनय कुमार ठाकुर ने बताया कि एलएडीसी द्वारा मंडल कारा में लीगल सर्विस क्लिनिक के माध्यम से जेल के बंदियों के बीच कानूनी जागरूकता कार्यक्रम चलाया गया था।जिसके तहत तीन साल के दौरान 448 जेल विजिट में सैकड़ों हजारों बंदियों को कानूनी तौर पर जागरूक करने के साथ कानूनी सहायता प्रदान किया गया।विचाराधीन बंदी यूटीपी मामलों में जमानत पर 297,कांडों से 40 बंदियों की रिहाई के साथ 285 बंदियों का क्रॉस एग्जामिनेशन किया गया।
श्री ठाकुर ने बताया कि दरअसल नालसा के द्वारा एलएडीसी के स्थापना के पीछे समाज के अति पिछड़े,शोषित,दलित,महादलित,गरीब,मजलूमों को मुफ्त सशक्त कानूनी सहायता प्रदान करना उद्देश्य था,जिसमें उन्होंने दावा किया कि गठन के बाद से निःशुल्क और उच्च गुणवत्ता वाली कानूनी सहायता देने में अररिया लीगल एड डिफेंस काउंसिल अर्थात कानूनी सहायता रक्षा परिषद की टीम ने एक नजीर स्थापित किया।
हिन्दुस्थान समाचार / राहुल कुमार ठाकुर