26 नवंबर तक चलेगा सघन नशामुक्ति जागरूकता अभियान, शहर से गांव तक होंगी गतिविधियां
अररिया 29 अक्टूबर(हि.स.)। डीएम विनोद दूहन की अध्यक्षता में नशामुक्त बिहार अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर बैठक आयोजित की गई। बैठक में 27 अक्टूबर से 26 नवंबर तक चलने वाले सघन जागरूकता अभियान की रूपरेखा की समीक्षा की गई।
अभियान का उद्देश्य शराब, तंबाकू, गुटका एवं अन्य नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति आम लोगों को जागरूक करना तथा नशामुक्त समाज के निर्माण में जनभागीदारी सुनिश्चित करना है।
अभियान के तहत 27 से 31 अक्टूबर तक नगर की प्रतिज्ञा,1 से 7 नवंबर तक गांव का संकल्प, 8 से 16 नवंबर तक पर्व और परिवार तथा 17 से 25 नवंबर तक युवा जोश थीम पर जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। 26 नवंबर को नशामुक्ति दिवस के अवसर पर भी विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
नगर परिषदों एवं नगर पंचायतों के कार्यालयों, सार्वजनिक शौचालयों, बस स्टैंड और बाजारों में मद्यनिषेध संबंधी स्लोगन, पोस्टर एवं बैनर लगाए जाएंगे। सार्वजनिक वाहनों के माध्यम से ऑडियो जिंगल्स का प्रसारण, नुक्कड़ नाटक, एलईडी वैन से प्रचार-प्रसार तथा सार्वजनिक स्थलों पर सेल्फी स्टैंड स्थापित किए जाएंगे।
जिला पंचायत राज पदाधिकारी के माध्यम से ग्राम पंचायत भवनों पर स्लोगन अंकित कराने तथा पंचायत प्रतिनिधियों, जीविका दीदियों और प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के सहयोग से ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। जीविका दीदियों के बीच ‘नशामुक्त मित्र’ का गठन होगा तथा सतत जीविकोपार्जन योजना के लाभार्थियों से संबंधित जीविका द्वारा तैयार लघु फिल्म का प्रदर्शन किया जाएगा।
कार्यपालक अभियंता, विद्युत आपूर्ति प्रमंडल को विद्युत विपत्रों पर मद्यनिषेध संबंधी स्लोगन अंकित कराने का निर्देश दिया गया है। जिला परिवहन पदाधिकारी के माध्यम से सार्वजनिक बसों, बस स्टेशनों एवं यात्रा टिकटों पर जागरूकता संदेश अंकित कराए जाएंगे। सिविल सर्जन के माध्यम से जिला, अनुमंडल एवं प्रखंड स्तरीय अस्पतालों में पोस्टर, बैनर एवं भित्तिचित्र लगाने के साथ ओपीडी पर्चियों पर भी मद्यनिषेध संबंधी संदेश अंकित करने के निर्देश दिए।
जिला प्रोग्राम पदाधिकारी, आईसीडीएस के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों पर शराब, तंबाकू एवं गुटका के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता अभियान चलाने एवं जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी के माध्यम से प्रदर्शनी, नुक्कड़ नाटक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाने के निर्देश दिए गए। टोला सेवक, तालिमी मरकज एवं कला-जत्था भी इस अभियान में सहयोग करेंगे।
हिन्दुस्थान समाचार / राहुल कुमार ठाकुर