संभावित बाढ़ और सुखाड़ की पूर्व तैयारी की डीएम ने की समीक्षा

 


अररिया 16 मई(हि.स.)।

समाहरणालय स्थित परमान सभागार में डीएम विनोद दूहन की अध्यक्षता में संभावित बाढ़ एवं सुखाड़ की पूर्व तैयारी को लेकर शनिवार को अधिकारियों के साथ समीक्षात्मक बैठक हुई। बैठक में आपदा की स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी राहत कार्य सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विभिन्न विभागों की तैयारियों की बिंदुवार समीक्षा की गई।

बैठक में वर्षा मापक यंत्रों की कार्यशीलता एवं वर्षापात आंकड़ों के नियमित प्रेषण, नावों की मरम्मत, पॉलिथीन शीट की उपलब्धता, महाजाल एवं लाइफ जैकेट की स्थिति, गोताखोरों का प्रशिक्षण, शुद्ध पेयजल की व्यवस्था, नाविकों के लंबित मजदूरी एवं भाड़ा भुगतान, खोज-बचाव एवं राहत दलों का गठन, शरण स्थलों की पहचान, तटबंधों की सुरक्षा, संचार योजना, इंडस्ट्रियल सायरन, जिला स्तरीय टास्क फोर्स का गठन, बाढ़ प्रभावित परिवारों की सूची के अद्यतनीकरण, संभावित सुखाड़ की तैयारी तथा चापाकलों की मरम्मत की समीक्षा की गई।

बैठक में क्षतिग्रस्त नाव की मरम्मती करवाने का निर्देश डीएम ने दिया।वहीं अतिरिक्त 500 लाइफ जैकेट का भंडारण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। पीएचईडी के चापाकल मरम्मत के लक्ष्य 1,144 के विरुद्ध 731 चापाकलों की मरम्मत पूर्ण करने की जानकारी पर डीएम ने शेष चापाकलों की मरम्मत शीघ्र पूर्ण करने तथा शुद्ध पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

जोकिहाट एवं भरगामा अंचल में खोज, बचाव एवं राहत दलों का गठन कर लिया गया है। शेष अंचलों को भी यथाशीघ्र ऐसे दल गठित करने का निर्देश दिया गया।

जिले में कुल 328 बाढ़ राहत शिविर एवं 340 सामुदायिक रसोई केंद्र चिन्हित किए गए हैं। जिलाधिकारी ने राहत शिविरों की सूची निर्धारित प्रपत्र में उपलब्ध कराने, आवश्यकतानुसार अतिरिक्त रसोई केंद्रों के लिए स्थान चिह्नित करने तथा विगत वर्षों में बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में विशेष तैयारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

सिविल सर्जन को मानव दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। वहीं अंचलाधिकारी को पशु दवा, पशु चारा एवं पशु शिविरों की स्थिति की अद्यतन जानकारी उपलब्ध रखने को कहा गया।

बैठक में जिला कृषि पदाधिकारी से संभावित सुखाड़ की स्थिति की समीक्षा की गई। साथ ही धान के बिचड़े के वितरण व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। सभी नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारियों को जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त रखने तथा आवश्यकतानुसार पंपसेट की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

बैठक में जिले के सभी विभागों के वरीय अधिकारी मौजूद थे।

हिन्दुस्थान समाचार / राहुल कुमार ठाकुर