किशनगंज एयरपोर्ट रनवे विस्तार को मंजूरी, 24.11 एकड़ भूमि का होगा अधिग्रहण

 


किशनगंज, 17 जुलाई (हि.स.)। बिहार सरकार ने किशनगंज एयरपोर्ट के रनवे विस्तार के लिए करीब 24.11 एकड़ भूमि अधिग्रहण को मंजूरी दे दी है। राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही इस परियोजना को सरकार ने सामान्य विकास कार्यों से अलग श्रेणी में रखा है। अधिकारियों के अनुसार, यह परियोजना देश के रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील ‘चिकन नेक’ (सिलीगुड़ी कॉरिडोर) क्षेत्र की सुरक्षा से जुड़ी होने के कारण इसे प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा। राज्य सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि इस परियोजना में किसी भी प्रकार की देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। इसी उद्देश्य से भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को भूमि अधिग्रहण, पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर एवं पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 40 के तहत आपात प्रावधानों के अंतर्गत पूरा किया जाएगा। इसके तहत सामाजिक प्रभाव आकलन (एसआईए) और आपत्तियों की सुनवाई जैसी लंबी प्रक्रियाओं से छूट देते हुए अधिग्रहण की कार्रवाई तेज गति से की जाएगी। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने संबंधित अधिकारियों को सभी भूमि अभिलेख अद्यतन कर वास्तविक भू-स्वामियों की पहचान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है, ताकि मुआवजा वितरण पूरी तरह पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से किया जा सके। सरकार ने यह भी तय किया है कि नोटिस जारी होने के बाद प्रभावित किसानों एवं भूमि मालिकों को निर्धारित मुआवजे की 80 प्रतिशत राशि 30 दिनों के भीतर उपलब्ध करा दी जाएगी। इसके बाद प्रशासन नियमानुसार संबंधित भूमि का कब्जा लेकर निर्माण कार्य आगे बढ़ाएगा। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्रभावित परिवारों के हितों की अनदेखी नहीं होगी। भूमि अधिग्रहण के बाद पुनर्वास की प्रक्रिया भी प्राथमिकता के आधार पर शुरू की जाएगी। अधिकतम तीन माह के भीतर पुनर्वास की कार्रवाई प्रारंभ करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में छह सदस्यीय समिति प्रभावित परिवारों का आकलन कर आवश्यक कार्रवाई करेगी। सरकार के इस फैसले से किशनगंज एयरपोर्ट विस्तार परियोजना को नई गति मिलने की उम्मीद है। रनवे विस्तार पूरा होने के बाद भविष्य में बड़े विमानों के संचालन की संभावना बढ़ेगी, जिससे सीमांचल क्षेत्र की हवाई संपर्क व्यवस्था मजबूत होने के साथ-साथ राष्ट्रीय सुरक्षा और क्षेत्रीय विकास को भी महत्वपूर्ण बल मिलेगा।

हिन्दुस्थान समाचार / धर्मेन्द्र सिंह