आंगनबाड़ी केंद्रों के औचक निरीक्षण में बच्चों की शत-प्रतिशत उपस्थिति पर जोर

 






सुपौल, 23 सितंबर (हि.स.)। आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन में पारदर्शिता, बच्चों की नियमित उपस्थिति और गुणवत्तापूर्ण सेवाओं को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बुधवार को जिला प्रोग्राम पदाधिकारी, आईसीडीएस अंजू कुमारी ने बाल विकास परियोजना किशनपुर के विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 15, 16, 17 एवं 23 का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के क्रम में केंद्र संख्या 15 पर 28, केंद्र संख्या 16 पर 21, केंद्र संख्या 17 पर 18 तथा केंद्र संख्या 23 पर 21 बच्चे सेविका-सहायिका के साथ उपस्थित पाए गए।

निरीक्षण के दौरान जिला प्रोग्राम पदाधिकारी ने संबंधित सेविका एवं सहायिका को निर्देश दिया कि केंद्रों पर नामांकित सभी बच्चों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। बच्चों को निर्धारित मेनू के अनुसार पोषाहार उपलब्ध कराने के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण स्कूल पूर्व शिक्षा (ईसीसीई) प्रदान करने पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों में साफ-सफाई एवं स्वच्छता व्यवस्था को दुरुस्त रखने का निर्देश दिया। साथ ही टीएचआर (टेक होम राशन) का एफआरएस के माध्यम से पात्र लाभुकों के बीच शत-प्रतिशत वितरण सुनिश्चित करने को कहा गया।

औचक निरीक्षण में अनुपस्थित पाए गए बच्चों को लेकर भी जिला प्रोग्राम पदाधिकारी ने गंभीरता दिखाई। उन्होंने बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, किशनपुर को निर्देश दिया कि संबंधित सेविका-सहायिका एवं महिला पर्यवेक्षिका से निरीक्षण की तिथि को अनुपस्थित बच्चों के संबंध में कारण-पृच्छा की जाए। साथ ही नियमानुसार अनुपस्थित बच्चों से संबंधित पोषाहार राशि की कटौती की कार्रवाई सुनिश्चित करते हुए इसकी जानकारी जिला प्रोग्राम कार्यालय को उपलब्ध कराने को कहा।

इसके अलावा महिला पर्यवेक्षिकाओं को प्रत्येक संबंधित आंगनबाड़ी केंद्र से प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के आठ पात्र लाभार्थियों तथा मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के तीन पात्र लाभार्थियों का पंजीकरण सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया। जिला प्रोग्राम पदाधिकारी अंजू कुमारी ने महिला पर्यवेक्षिकाओं एवं बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, किशनपुर को केंद्रों का नियमित निरीक्षण करने को कहा।

उन्होंने निर्देश दिया कि बच्चों की शत-प्रतिशत उपस्थिति, पोषाहार वितरण, स्कूल पूर्व शिक्षा सहित अन्य निर्धारित सेवाओं का प्रभावी क्रियान्वयन लगातार सुनिश्चित किया जाए। निरीक्षण के बाद सेविका-सहायिका द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले प्रगति प्रतिवेदन को जिला प्रोग्राम कार्यालय, आईसीडीएस, सुपौल में उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया गया। जिला प्रोग्राम पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन में लापरवाही, बच्चों की अनावश्यक अनुपस्थिति, पोषाहार वितरण में अनियमितता अथवा विभागीय निर्देशों के अनुपालन में शिथिलता पाए जाने पर संबंधित कर्मियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र