ठाकुरगंज नगर पंचायत में वार्ड-9 में बिना सड़क बने 4 लाख निकासी से मचा हड़कंप

 


किशनगंज, 11 अप्रैल (हि.स.)। बिहार में किशनगंज जिले के नगर पंचायत ठाकुरगंज में विकास कार्यों को लेकर एक बार फिर वित्तीय अनियमितता के गंभीर आरोप सामने आए हैं। वार्ड संख्या-9 में बिना सड़क निर्माण के ही करीब चार लाख रुपये से अधिक की राशि निकासी का मामला उजागर होने के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।

इस मामले को लेकर आम लोगों से लेकर जनप्रतिनिधियों तक में नाराजगी देखी जा रही है और जांच की मांग तेज हो गई है। जानकारी के अनुसार, वार्ड संख्या-9 में सड़क निर्माण कार्य कागजों पर पूर्ण दिखाकर भुगतान कर दिया गया, जबकि जमीनी स्तर पर सड़क निर्माण नहीं होने का आरोप लगाया जा रहा है।

इस कथित अनियमितता को लेकर संबंधित अधिकारियों और एजेंसी पर गबन के आरोप भी लगने लगे हैं। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक कथित कॉल रिकॉर्डिंग वायरल होने के बाद मामला और तूल पकड़ गया है। वायरल ऑडियो में एक पत्रकार द्वारा सहायक अभियंता सह अभिकर्ता से सवाल पूछे जाने पर जवाब में “ऑन पेपर” कार्य होने की बात कही जा रही है।

ऑडियो में अन्य लोगों की भूमिका का भी संकेत दिया गया है। हालांकि, इस वायरल रिकॉर्डिंग की अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। इस पूरे मामले को लेकर भाजपा जिला प्रवक्ता एवं सामाजिक कार्यकर्ता कौशल किशोर यादव ने 9 अप्रैल 2026 को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर नगर पंचायत ठाकुरगंज में बीते तीन वर्षों के सभी विकास कार्यों की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि सड़क निर्माण के अलावा जल-नल योजना, सफाई व्यवस्था और राजस्व हाट निर्माण जैसे कई कार्यों में भी अनियमितता हुई है।

प्रेस विज्ञप्ति में आरोप लगाया गया है कि कई स्थानों पर बिना प्राक्कलन और सूचना पट्ट लगाए कार्य कराए गए, जो नियमों का उल्लंघन है। वहीं जल-नल योजना में नियमित पानी आपूर्ति नहीं होने के बावजूद हर महीने भुगतान होने की बात कही गई है। सफाई व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि एजेंसी को भुगतान होने के बावजूद सफाई कार्य संतोषजनक नहीं है। नाला निर्माण से जुड़े करोड़ों रुपये के कार्यों की निविदा बार-बार रद्द होने पर भी सवाल उठाए गए हैं।

इससे पारदर्शिता पर संदेह गहराने की बात कही जा रही है। गौर करे कि वार्ड नम्बर-09 सड़क निर्माण मामले के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों ने पूरे नगर पंचायत में हुए विकास कार्यों की जांच कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते जांच नहीं हुई तो बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता का खुलासा हो सकता है। फिलहाल, मामले को लेकर प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन बढ़ते विवाद के बीच उच्चस्तरीय जांच की मांग तेज होती जा रही है।

हिन्दुस्थान समाचार / धर्मेन्द्र सिंह