दाखिल-खारिज और अपील मामलों की उप-मुख्यमंत्री करेंगे समीक्षा, सात अप्रैल को पटना में जुटेंगे सभी डीसीएलआर
- लंबित मामलों के त्वरित निपटारे को लेकर सरकार सख्त
- राज्यस्तरीय समीक्षा बैठक में उपमुख्यमंत्री अधिकारियों की लगाएंगे क्लास
पटना, 06 अप्रैल (हि.स.)। बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा राज्य के सभी भूमि सुधार उपसमाहर्ताओं (डीसीएलआर) की राज्यस्तरीय समीक्षा बैठक 7 अप्रैल को पटना स्थित विभागीय मुख्यालय, पुराना सचिवालय में आयोजित की जाएगी। यह बैठक सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगी, जिसमें दाखिल-खारिज, अपील वाद, राजस्व वसूली और लैंड बैंक से जुड़े कार्यों की विस्तृत समीक्षा होगी।
उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि जमीन से जुड़े मामलों में आम लोगों को त्वरित और पारदर्शी न्याय दिलाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लंबित मामलों के तेजी से निष्पादन के लिए अधिकारियों की जवाबदेही तय की जा रही है और नियमित समीक्षा से प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।
बैठक दो चरणों में आयोजित होगी। पहले सत्र में प्रधान सचिव सीके अनिल विभागीय कार्यों की समीक्षा करेंगे। इस दौरान 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 तक दाखिल-खारिज, अपील वाद, बीएलडीआर वाद और मापी अपील वादों के निष्पादन की प्रगति का आकलन किया जाएगा। साथ ही राजस्व वसूली, लैंड बैंक के लिए चिन्हित भूमि के सत्यापन और अंचल स्तर पर किए गए निरीक्षणों पर भी चर्चा होगी।
दूसरे सत्र में डीसीएलआर अधिकारियों के लिए कोर्ट केस ऑर्डर लिखने का टेस्ट आयोजित किया जाएगा। आवश्यकता के अनुसार प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, ताकि न्यायिक कार्यों की गुणवत्ता और दक्षता में सुधार हो सके। विभाग ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने डोंगल, लैपटॉप और 4-5 कोर्ट केस से संबंधित तथ्यों के साथ बैठक में शामिल हों।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशिक्षण और समीक्षा की इस प्रक्रिया से राजस्व अधिकारियों की कार्यक्षमता बढ़ेगी और जमीन विवादों के समाधान में तेजी आएगी। सरकार राजस्व प्रशासन को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और जनहितकारी बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ .राजेश