सस्ती सिटी स्कैन सुविधा बनी गरीब मरीजों का सहारा, छह साल में 27 हजार से अधिक जांच
किशनगंज, 09 अगस्त (हि.स.)। सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने और आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में किशनगंज सदर अस्पताल की सिटी स्कैन सेवा महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
पीपीपी मॉडल पर संचालित इस सेवा के माध्यम से मरीजों को निजी जांच केंद्रों की तुलना में काफी कम दर पर सिटी स्कैन की सुविधा मिल रही है। इससे गंभीर बीमारी से जूझ रहे गरीब परिवारों को आर्थिक राहत के साथ समय पर जांच की सुविधा भी मिल रही है।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2020-21 में सदर अस्पताल में 790 मरीजों की सिटी स्कैन जांच हुई थी। यह संख्या लगातार बढ़ती गई और 2021-22 में 2,728, 2022-23 में 3,618, 2023-24 में 4,968, 2024-25 में 6,359 तथा 2025-26 में 8,802 तक पहुंच गई। छह वित्तीय वर्षों में कुल 27,265 जांच की गई। वहीं मई से जुलाई 2026 के बीच 2,601 मरीजों ने इस सुविधा का लाभ उठाया। सिटी स्कैन की सुविधा दुर्घटना, सिर में चोट, लकवा, बेहोशी, मस्तिष्क में रक्तस्राव, ट्यूमर की आशंका और रीढ़ से जुड़ी गंभीर बीमारियों में चिकित्सकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती है।
सदर अस्पताल में यह सुविधा उपलब्ध होने से मरीजों को जांच के लिए निजी केंद्रों का रुख नहीं करना पड़ रहा है।
बाजार में करीब 2,500 रुपये में होने वाली एक प्रकार की सिटी स्कैन जांच सदर अस्पताल में 756 रुपये में उपलब्ध है। वहीं लगभग 7,500 रुपये तक खर्च होने वाली जांच यहां 2,520 रुपये में कराई जा रही है। कम दर पर जांच उपलब्ध होने से गरीब और जरूरतमंद मरीजों को बड़ी आर्थिक राहत मिल रही है।
रविवार को जिलाधिकारी नवीन कुमार ने कहा कि सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक स्थिति किसी व्यक्ति के इलाज में बाधा न बने। वहीं सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने कहा कि सिटी स्कैन जैसी आधुनिक सुविधा से गंभीर मरीजों को समय पर जांच और उपचार की अगली प्रक्रिया तय करने में मदद मिल रही है।
हिन्दुस्थान समाचार / धर्मेन्द्र सिंह