मातंगिनी हाजरा के शहादत दिवस पर अधिवक्ताओं ने किया नमन

 


दरभंगा, 29 सितंबर (हि.स.)। महान स्वतंत्रता सेनानी एवं क्रांतिकारी वीरांगना मातंगिनी हाजरा के शहादत दिवस पर मंगलवार को जिला बार एसोसिएशन भवन में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। अधिवक्ता रमण जी चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में अधिवक्ताओं ने मातंगिनी हाजरा के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर स्वतंत्रता आंदोलन में उनके योगदान को याद किया।

अधिवक्ता अरुण कुमार चौधरी ने कहा कि भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान 72 वर्षीय मातंगिनी हाजरा ने अदम्य साहस का परिचय दिया था। 29 सितंबर 1942 को वह हजारों प्रदर्शनकारियों के साथ मेदिनीपुर जिले के तामलुक थाना पर तिरंगा फहराने पहुंची थीं। अंग्रेजी पुलिस की गोलीबारी के बावजूद उन्होंने अंतिम सांस तक तिरंगे को हाथ से नहीं गिरने दिया। उन्होंने कहा कि देश की आजादी के लिए मातंगिनी हाजरा का बलिदान सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा।

वक्ताओं ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में मातंगिनी हाजरा जैसी वीरांगनाओं का योगदान देश के इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। नई पीढ़ी को उनके संघर्ष, साहस और राष्ट्रभक्ति से प्रेरणा लेने की जरूरत है।

कार्यक्रम में अधिवक्ता माधव चौधरी, हीरानंद मिश्र, अनिता आनंद, अनिल कुमार मिश्रा, सुधीर कुमार चौधरी, मुरारी लाल केवट, रामवृक्ष सहनी, श्याम बिहारी राय ‘सरस’, संतोष कुमार सिन्हा, नीतीश कुमार, बुलन कुमार झा, प्रदीप कुमार शांडिल्य सहित दर्जनों अधिवक्ता उपस्थित रहे। अधिवक्ता लिपिक विनय कुमार झा ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की।

हिन्दुस्थान समाचार / Krishna Mohan Mishra