निविदा अनियमितता पर ईई के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा

 


किशनगंज, 02 अक्टूबर (हि.स.)। स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन (एलएइओ), कार्य प्रमंडल किशनगंज में अति अल्पकालीन निविदा आमंत्रण सूचना संख्या 04/2026-27 में कथित अनियमितता को लेकर कार्यपालक अभियंता ईं. मो. नसीम अख्तर के विरुद्ध विभागीय अनुशासनिक कार्रवाई की अनुशंसा की गई है।

पूर्णिया के अधीक्षण अभियंता ईं. बिनोद कुमार रंजन ने इस संबंध में योजना एवं विकास विभाग, बिहार के अपर मुख्य सचिव को पत्र भेजकर कार्रवाई की अनुशंसा की है। साथ ही संबंधित निविदा को रद्द करने की भी अनुशंसा की गई है।

अधीक्षण अभियंता के पत्र के अनुसार उक्त निविदा में परिमाण विपत्र की बिक्री के लिए 18 सितंबर से 21 सितंबर 2026 को अपराह्न तीन बजे तक की अवधि निर्धारित थी। निर्धारित प्रक्रिया के तहत अधीक्षण अभियंता कार्यालय में भी प्रत्येक ग्रुप का कम से कम दो प्रति परिमाण विपत्र बिक्री के लिए उपलब्ध कराया जाना था।

आरोप है कि कार्यपालक अभियंता की ओर से अधीक्षण अभियंता कार्यालय में परिमाण विपत्र उपलब्ध नहीं कराया गया। इसके कारण वहां से निविदा दस्तावेज की बिक्री नहीं हो सकी। इसे विभागीय निर्देशों की अनदेखी और निविदा प्रक्रिया में अनियमितता माना गया है। अधीक्षण अभियंता कार्यालय के अनुसार इस संबंध में कार्यपालक अभियंताओं को पहले भी निर्देश दिए जा चुके थे। 20 मार्च 2025, नौ मई 2025 और पांच जून 2026 को जारी पत्रों में निविदा बिक्री की तिथि से कम से कम तीन दिन पूर्व प्रत्येक ग्रुप के कम से कम दो प्रति परिमाण विपत्र उपलब्ध कराने तथा अधीक्षण अभियंता कार्यालय से Sale/No Sale पत्र प्राप्त करने के बाद ही आगे की निविदा प्रक्रिया करने का निर्देश दिया गया था। विभागीय पत्र में बिहार लोक निर्माण विभाग संहिता की कंडिका 159 (क) (i) तथा संबंधित विभागीय संकल्पों का भी हवाला दिया गया है। इसमें 15 लाख रुपये या उससे कम राशि के कार्यों के लिए स्थानीय स्तर पर प्रचार-प्रसार से निविदा आमंत्रित करने के प्रस्ताव पर अधीक्षण अभियंता की अनुमति आवश्यक बताई गई है। मामले में अधीक्षण अभियंता ने 22 सितंबर को निविदा रद्द करते हुए कार्यपालक अभियंता से तीन दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा था। जवाब नहीं मिलने पर 25 सितंबर को स्मार पत्र जारी कर दो दिनों में स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया। इसके बावजूद जवाब नहीं मिलने का उल्लेख करते हुए अब विभागीय अनुशासनिक कार्रवाई की अनुशंसा की गई है।

हिन्दुस्थान समाचार / धर्मेन्द्र सिंह