कृषि टास्क फोर्स की बैठक में प्राकृतिक खेती हेतु 150 हे० का चयन

 


नालंदा, बिहारशरीफ 10 अक्टूबर (हि.स.)।जिला मुख्यालय स्थित समाहरणालय सभागार में आज शनिवार को उप विकास आयुक्त की अध्यक्षता में कृषि टास्क फोर्स की बैठक आयोजन किया गया। बैठक के दौरान डिजिटल क्रॉप सर्वेक्षण कार्यक्रम के प्रगति की समीक्षा भी किया गया।

इस संबंध में जिला कृषि पदाधिकारी के द्वारा उप विकास आयुक्त, नालन्दा को अवगत कराया गया कि डिजिटल क्रॉप सर्वे में नालन्दा जिले को कुल 1219116 प्लॉटों के सर्वे का लक्ष्य प्राप्त हुआ है, जिसके विरूद्ध डिजिटल क्रॉप सर्वे में नालन्दा जिले अब तक 1103286 प्लॉटों का सर्वे कार्य पूर्ण कर लिया गया है।इस मामले में निदेश दिया गया है कि नालन्दा जिलान्तर्गत सभी सर्वेयर एवं सुपरवाईजर डिजिटल क्रॉप सर्वेक्षण कार्य 15 अक्टूबर तक निर्धारित समय तक शत-प्रतिषत सर्वेक्षण कार्य सम्पन्न कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

खरीफ की समीक्षा के क्रम में जिला कृषि पदाधिकारी के द्वारा बताया गया कि खरीफ मौसम के विभिन्न योजनान्तर्गत सभी फसलों के आच्छादन का लक्ष्य शत-प्रतिशत पूर्ण कर लिया गया है। साथ हीं रबी महाभियान कार्यक्रम राज्य स्तर पर दिनांक 12 अक्टूबर से शुरूआत की जायेगी तथा जिला स्तर पर 15अक्टुबर को प्रारंभ किया जायेगा। रबी मौसम के विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत फसलों के आच्छादन का लक्ष्य प्राप्त हुआ है, जिसे प्रखंडों को उपावंटित किया गया है।

फार्मर रजिस्ट्री कार्यक्रम की प्रगति के समीक्षा के क्रम में जिला कृषि पदाधिकारी के द्वारा बताया गया कि उर्वरक की उपलब्धता की नालन्दा जिला में उर्वरक की उपलब्धता की कोई कमी नहीं है।खरीफ के मौसम में उर्वरक कालाबाजारी एवं छापामारी से संबंधित प्रतिवेदन की समीक्षा किया गया जहां कृषि समन्वयकों के द्वारा कुल 317 उर्वरक प्रतिष्ठानों की छापामारी की गयी है, जिसमें मात्र 5 अनियमिता प्रतिवेदित किया गया है, जिसपर क्षोव व्यक्त किया गया, जो संदिग्ध प्रतीत होता है, जबकि उर्वरक की शिकायत बहुतायत प्राप्त होते है।

सहायक निदेशक, पौधा संरक्षण को निदेश दिया गया कि आगामी माह तक उर्दूरक नमूना संग्रहण का 13 पूरा करने का लक्ष्य दिया गया है ।सहायक निदेशक, रसायन, मिट्टी जाँच प्रयोगशाला को निदेश दिया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में निर्धारित लक्ष्य के अनुसार शत-प्रतिशत उर्वरक नमूना संग्रहण किया जाय।जिला कृषि पदाधिकारी के द्वारा बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 प्राकृतिक खेती हेतु तीन प्रखंडों के पांच पंचायत अन्तर्गत कुल 150 हे० का चयन किया गया है।जिला कृषि पदाधिकारी के द्वारा बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 परम्परागत कृषि विकास योजना अन्तर्गत छः प्रखंडों में कुल 18 पंचायतों का चयन किया गया है।

उद्यान कार्यक्रम की समीक्षा में जिला उद्यान पदाधिकारी के द्वारा बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में नारियल पौधा वितरण योजना एवं राज्य स्कीम में मद से बीज मसालें का कार्यक्रम प्रस्तावित है।पौधा संरक्षण कार्यक्रम की समीक्षा में सहायक निदेशक, पौधा संरक्षण के द्वारा बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में कृषि ड्रोन से फसलों पर कीटनाशी एवं तरत उर्वरक का छिड़काव, उपादान वितरण योजना एवं बगीचों में कीट प्रबंधन योजना का कार्यक्रम प्रस्तावित है।

भूमि संरक्षण की समीक्षा में उप निदेशक, भूमि संरक्षण के द्वारा बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में कोई नई योजना स्वीकृत नहीं है। राज्य योजना वित्तीय वर्ष 2024-25 अन्तर्गत सिंचाई कूप निर्माण, जल संचयन तालाब / फार्म पौण्ड, पक्का चेक डैम निर्माण कराया गया है, जो पूर्ण हो चुकी है।

आत्मा कार्यक्रम की समीक्षा के क्रम में बताया गया कि किसानों को राज्य के बाहर भ्रमण की 850 उपलब्धि हुई है एवं मात्र 150 लंबित है। जिला के अन्दर किसानों के भ्रमण की 30000 उपलब्धि हुई है। रबी मौसम में किसान पाठशाला का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। खरीफ, रबी एवं राजगीर महोत्सव में मेला आयोजित करने का कार्यक्रम है।

मिट्टी नमूना संग्रहण की समीक्षा में पाया गया कि 5618 लक्ष्य के विरूद्ध शत-प्रतिशत नमूना प्रयोगशाला में प्राप्त हो चुका है। उप विकास आयुक्त के द्वारा निदेश दिया गया कि लक्ष्य के अनुरूप संग्रहित नमूना के विश्लेषण कर किसानों को स्वायल हेल्थ कार्ड वितरित किया जाय।समेकित कृषि प्रणाली पर कार्य कर रहे किसानों की सूची उपलब्ध कराने एवं भ्रमण करने की बात कही गई। किसानों को जोड़ने/प्रेरित करने के लिए जिला स्तरीय सभी संबंधित पदाधिकारियों यथा महाप्रबंधक, जिला उद्योग केन्द्र, जिला पशुपालन पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी, जिला प्रोग्राम पदाधिकारी, मनरेगा, जिला गव्य विकास पदाधिकारी एवं अन्य जिला स्तरीय संबंधित पदाधिकारियों की दिनांक 23 अक्टूबर को बैठक आयोजन के लिए आदेशित किया गया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रमोद पांडे