निरीक्षण में कॉलेज की मनमानी उजागर डीईओ ने मांगा स्पष्टीकरण
नालंदा, बिहारशरीफ 14 सितंबर (हि.स.)। जिला मुख्यालय स्थित अयोध्या प्रसाद महिला महाविद्यालय, गगन बिगहा बिहारशरीफ में छात्राओं से निर्धारित शुल्क से अधिक राशि वसूले जाने की शिकायत की जांच के बाद सोमवार को जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय ने महाविद्यालय प्रबंधन से स्पष्टीकरण मांगा है।
जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, माध्यमिक शिक्षा नालंदा की ओर से जारी निरीक्षण प्रतिवेदन में महाविद्यालय में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आने का उल्लेख किया गया है। विभाग ने प्राचार्य को निरीक्षण प्रतिवेदन में उल्लिखित बिंदुओं पर जवाब देने तथा संबंधित अभिलेख उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
जारी निरीक्षण प्रतिवेदन के अनुसार,12 सितंबर 2026 को महाविद्यालय का औचक निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण के दौरान प्राचार्य से महाविद्यालय में कार्यरत शिक्षकों की संख्या और उनके द्वारा स्पष्ट रूप से पढ़ाए जाने वाले विषयों की जानकारी मांगी गई। प्रतिवेदन में कहा गया है कि प्राचार्य इस संबंध में स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं करा सके, जिससे उनकी लापरवाही एवं मनमानी परिलक्षित होती है।
निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि महाविद्यालय में विभाग की ओर से उपलब्ध कराए गए कई अभिलेखों पर प्राचार्य के हस्ताक्षर नहीं थे। वहीं, निरीक्षण में एक शिक्षक/प्राध्यापक के अनुपस्थित पाए जाने का भी उल्लेख किया गया है।
छात्राओं से पूछताछ में एक महत्वपूर्ण मामला सामने आया। छात्राओं ने बताया कि कक्षा 12वीं की परीक्षा फॉर्म भरने के लिए उनसे 3,500 रुपये शुल्क लिया जाता है। इसके अलावा परीक्षा फॉर्म भरने के दौरान विश्वविद्यालय परीक्षा समिति, पटना द्वारा निर्धारित शुल्क के रूप में 1,430 रुपये लिए जाने की बात भी बताई गई। निरीक्षण प्रतिवेदन में कहा गया है कि इस तरह निर्धारित शुल्क से अधिक राशि लिए जाने की शिकायत प्रथम दृष्टया प्राचार्य की मनमानी एवं स्वेच्छाचारिता को प्रदर्शित करती है।निर्धारित शुल्क से अधिक राशि लेने के संबंध में प्राचार्य से पूछताछ किए जाने पर न तो विभागीय आदेश की प्रति उपलब्ध कराई गई और न ही महाविद्यालय में संबंधित कोई अभिलेख दिखाया गया।
छात्राओं से विभिन्न मदों में प्राप्त राशि किस बैंक खाते में जमा की जाती है, इसके संबंध में भी प्राचार्य की ओर से कोई स्पष्ट साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया।निरीक्षण के दौरान उपलब्ध अभिलेखों की जांच में यह भी सामने आया कि विज्ञान संकाय में कुल 379 तथा कला संकाय में 114 छात्राओं का नामांकन है। हालांकि नामांकन पंजी के अवलोकन से यह बात सामने आई कि उक्त पंजी पर संबंधित पदाधिकारी के हस्ताक्षर नहीं हैं।
इन तमाम बिंदुओं को गंभीरता से लेते हुए जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, माध्यमिक शिक्षा, नालंदा ने महाविद्यालय प्रबंधन को निरीक्षण प्रतिवेदन की प्रति भेजते हुए स्पष्ट कारण बताने को कहा है। पत्र में कहा गया है कि निरीक्षण प्रतिवेदन में उल्लिखित बिंदुओं के संबंध में विचार कर स्पष्टीकरण के साथ उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। साथ ही चेतावनी दी गई है कि निर्धारित समय पर संतोषजनक जवाब नहीं मिलने की स्थिति में विभाग एकतरफा कार्रवाई के लिए बाध्य होगा, जिसकी सारी जवाबदेही महाविद्यालय प्रबंधन की होगी। विभाग ने मामले को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रमोद पांडे