विकास योजनाओं में दिखे धरातल पर बदलाव, जनोपयोगी कार्यों से बदलेगी पंचायतों की तस्वीर : डीएम

 


नालंदा, बिहारशरीफ 08 सितंबर (हि.स.)। जिला मुख्यालय स्थित समाहरणालय स्थित एनआईसी सभागार में जिलाधिकारी उदिता सिंह की अध्यक्षता में आज मंगलवार को साप्ताहिक समन्वय-सह-समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में राजस्व, शिक्षा, स्वास्थ्य, ऊर्जा, लोक शिकायत निवारण एवं ग्रामीण विकास सहित विभिन्न विभागों की योजनाओं और विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्यों का निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

बैठक के दौरान राजस्व एवं दाखिल-खारिज मामलों की समीक्षा की गई। मामलों के करीब 81 प्रतिशत निष्पादन पर जिलाधिकारी ने संतोष व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों के प्रयासों की सराहना की।

उन्होंने लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन के साथ कार्यों में तेजी बनाए रखने का निर्देश दिया।नगरनौसा में प्रस्तावित डिग्री कॉलेज के लिए भूमि अधिग्रहण की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ विधि-सम्मत संवाद स्थापित करते हुए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को अविलंब पूरा कराया जाए, ताकि कॉलेज के निर्माण की दिशा में आगे की कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।

लोक शिकायत निवारण के मामलों की समीक्षा के दौरान तीनों अनुमंडल पदाधिकारियों (एसडीओ) को अपने-अपने अनुमंडल स्तर पर नियमित समीक्षा करने तथा लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। साथ ही मामलों में स्पष्ट प्रगति दर्ज करने को कहा गया।स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान ‘एनीमिया मुक्त भारत’ अभियान की प्रगति की जानकारी ली गई।

जिलाधिकारी ने नूरसराय प्रखंड में अभियान की गति को और तेज करने तथा निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करने का निर्देश दिया। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की समीक्षा के दौरान राशन कार्ड निर्गमन में जिले के प्रदर्शन पर चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने अपेक्षाकृत कम प्रदर्शन करने वाले प्रखंडों को कार्य में सुधार लाने के सख्त निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि जिन प्रखंडों में डीलरों के माध्यम से विशेष कैंप आयोजित कर बेहतर कार्य किया जा रहा है और सर्वोत्तम कार्यप्रणाली के वीडियो साझा किए जा रहे हैं, उनसे अन्य प्रखंडों को सीख लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रखंडों की कार्यप्रणाली को अन्य क्षेत्रों में लागू करने के लिए नॉलेज शेयरिंग आवश्यक है।

पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने साप्ताहिक लक्ष्य को शत-प्रतिशत हासिल करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जिले में आवेदन सृजन की गति सराहनीय है, लेकिन आवेदन के मुकाबले इंस्टॉलेशन की कन्वर्जन दर को कम से कम 50 प्रतिशत तक पहुंचाना जरूरी है।

अनुरक्षक भत्ता भुगतान की समीक्षा में बताया गया कि आवश्यक आवंटन प्राप्त होते ही शत-प्रतिशत भुगतान सुनिश्चित कर दिया जाएगा। सरकार के विशेष अभियान की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि विकास योजनाओं का उद्देश्य केवल कागजों पर उपलब्धि दर्ज करना नहीं, बल्कि धरातल पर स्पष्ट और दृश्यमान बदलाव लाना होना चाहिए। उन्होंने प्रत्येक पंचायत से प्राथमिकता के आधार पर करीब 10 ऐसी जनोपयोगी योजनाओं का चयन करने का निर्देश दिया, जिनसे पंचायतों में प्रत्यक्ष रूप से बदलाव दिखाई दे।

उन्होंने विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों, सामुदायिक भवनों एवं उप स्वास्थ्य केंद्रों के जीर्णोद्धार, वृक्षारोपण, भवनों के रंग-रोगन, चबूतरा निर्माण तथा पहुंच पथों की साफ-सफाई जैसी योजनाओं को प्राथमिकता देने को कहा।

उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं के चयन में गंभीरता और रचनात्मकता बरतने का निर्देश दिया।जिले के घोषित मॉडल स्कूलों की कार्यप्रणाली की भी समीक्षा की गई। इस दौरान स्मार्ट क्लास, नियमित होमवर्क, लेसन प्लान, कमजोर विद्यार्थियों के लिए रेमेडियल क्लास, प्रयोगशाला एवं पुस्तकालय के संचालन, खेल-कूद तथा प्रार्थना सभा में ‘थॉट ऑफ द डे’ और समाचार-पत्र पाठन जैसी गतिविधियों की जानकारी साझा की गई।

जिलाधिकारी ने सभी मॉडल स्कूलों में बालिकाओं के लिए सैनिटरी नैपकिन वेंडिंग मशीन अधिष्ठापित करने का निर्देश दिया। उन्होंने विद्यालयों में सकारात्मक एवं प्रेरणादायक वातावरण तैयार करने के लिए ‘टीचर ऑफ द वीक’ जैसे अभिनव कार्यक्रम संचालित करने को कहा।

इसके अलावा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अलग कक्षाएं संचालित करने, नियमित अभिभावक-शिक्षक बैठक पीटीएम आयोजित करने तथा विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ाने पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया गया है।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि सभी विकास योजनाओं में गुणवत्ता, समयबद्धता और जनोपयोगिता का विशेष ध्यान रखें, ताकि योजनाओं का वास्तविक लाभ आम लोगों तक पहुंचे और पंचायतों में विकास का स्पष्ट एवं दृश्यमान बदलाव दिखाई दे।

हिन्दुस्थान समाचार / प्रमोद पांडे