खुशबू द्वारा बनाई गई राम सीता स्वयंवर की जीवंत कलाकृति बनी आकर्षण का केंद्र
सहरसा, 19 जुलाई (हि.स.)। भगवान श्रीराम और माता सीता के पावन विवाह स्वयंवर और कुंवारी कन्याओं के आस्था का प्रतीक तुसारी पूजा का मधुबनी चित्रकला में किया गया मनोहारी चित्रण लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बन गया है।
मधुबनी जिले के बेनीपट्टी अनुमंडल के जिरौल गांव की मिथिला पेंटिंग आर्टिस्ट खुशबू कुमारी उर्फ खुशबू चौधरी द्वारा बनाई गई जीवंत कलाकृतियां मुजफ्फरपुर के छाता चौक स्थित चित्रगुप्त एसोसिएशन सभागार में हेरिटेज नेशनल लेवल आर्ट एग्जीबिशन एंड कंटेस्ट का शान बनी।खुशबू ने मिथिला पेंटिंग के जरिये सिर्फ राम सीता स्वयंवर को ही नहीं दिखाया बल्कि भारतीय संस्कृति की समृद्ध विरासत,भक्ति भाव और प्राचीन गाथाओं से अवगत कराया।
आस्था और परंपरा का प्रतीक तुसारी पूजा का दृश्य उकेरकर उसकी महत्ता को दिखाने का काम किया। यह बताया कि आदर्श पति पाने के लिए कुंवारी कन्याओं का यह व्रत करना कितना जरूरी है। युवा मिथिला पेंटिंग आर्टिस्ट खुशबू का सिया राम स्वयंवर और तुसारी पूजा पर किया गया मनमोहक चित्रण नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का काम करेगी।
17 से 19 जुलाई तक चली राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी में 90 कलाकारों ने 180 चित्रों को प्रदर्शित किया और दर्शकों की उन्हें वाहवाही मिली।
खुशबू सहित अन्य कलाकारों को बिहार सरकार के कला एवं संस्कृति मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी ने मोमेंटों और भारतीय कला श्री सम्मान से सम्मानित किया।
पदम् श्री श्याम शर्मा ने सियाराम स्वयंवर व तुसारी पूजा की जीवंत कलाकृति देख आह्लादित होते कहा कि इस तरह की कलाकृति घरों की शोभा बढ़ाने के साथ-साथ नई पीढ़ियों को हमारी प्राचीन गाथाओं और सांस्कृतिक गौरव से जोड़ेगी।
शाकुंतलम कला संस्कृति के निदेशक डॉ. मुकेश मोना ने अतिथियों का स्वागत किया। खुशबू ने बताया कि रेलवे स्टेशनों, ट्रेनों, कार, स्कूल, राम मंदिर उदघाटन में गई इंजन, विश्विद्यालय भवनों सहित अन्य संस्थानों को मिथिला पेंटिंग से सुसज्जित करने वाली टीम का हिस्सा रह चुकी हूं। वर्ष 2023 से अश्क हैंडीक्राफ्ट नाम की संस्था चलाकर ग्रामीण क्षेत्र की 100 से अधिक लड़कियों और महिलाओं को मधुबनी पेंटिंग का मुफ्त प्रशिक्षण देते स्वरोजगारी बना रही हूं।
बता दें कि जिरौल के अमोद चौधरी और सुनैना देवी की पुत्री कुशल मिथिला पेंटिंग आर्टिस्ट खुशबू को वर्ष 2016 में तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी सम्मानित कर चुके हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / अजय कुमार