फर्जी आईडी से 98 लाख के वेतन गबन पर मुख्यालय सख्त: खुलासे के बाद पूरे बिहार के एचआरएमएस सिस्टम में बदलाव, डीईओ से 7 दिनों में मांगी रिपोर्ट
भागलपुर, 06 नवंबर (हि.स.)। जिले में एक फर्जी शिक्षिका की आईडी बनाकर 98.12 लाख रुपये के वेतन का अवैध भुगतान (गबन) करने के सनसनीखेज मामले ने शिक्षा विभाग की वित्तीय प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विभाग के नाक के नीचे हुए इस बड़े वित्तीय घोटाले का खुलासा होने के बाद शिक्षा विभाग मुख्यालय बेहद सख्त हो गया है और राज्य स्तर पर बड़े कदम उठाए गए हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार, इस फर्जीवाड़े को गंभीरता से लेते हुए मुख्यालय ने 'मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली' के जरिए होने वाली भुगतान प्रक्रिया में तत्काल प्रभाव से कड़े नए नियम लागू करने का आदेश दिया है। अब वेतन जारी करने से पहले सत्यापन के कई चरणों को अनिवार्य बना दिया गया है, ताकि भविष्य में तकनीकी खामियों या मिलीभगत से ऐसा कोई गबन न किया जा सके। इसके साथ ही, शिक्षा विभाग के मुख्य सचिव ने बिहार के सभी जिलों के जिला शिक्षा पदाधिकारियों को एक हाई-अलर्ट नोटिस जारी किया है। सभी डीईओ को निर्देश दिया गया है कि वे अगले 7 दिनों के भीतर अपने-अपने क्षेत्रों की विस्तृत वित्तीय रिपोर्ट और शिक्षकों के डेटा का मिलान कर मुख्यालय को सौंपें। इस जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि कहीं किसी अन्य जिले में भी तो इस तरह की फर्जी आईडी बनाकर सरकारी राशि का चूना नहीं लगाया जा रहा है। मामले में शामिल दोषी अधिकारियों और कर्मियों पर भी गाज गिरनी तय मानी जा रही है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर