एनीमिया के खिलाफ 98 दिन का महाअभियान शुरू

 


किशनगंज, 25 अगस्त (हि.स.)। एनीमिया मुक्त भारत कार्यक्रम के तहत बिहार में एनीमिया के खिलाफ 98 दिनों का विशेष अभियान मंगलवार से शुरू हुआ।

मुख्यमंत्री ने राज्यस्तर पर अभियान का शुभारंभ किया। इस दौरान किशनगंज सदर अस्पताल एवं पोठिया सीएचसी में कार्यक्रम का प्रसारण किया गया। सदर अस्पताल में जिलाधिकारी नवीन कुमार की मौजूदगी में 50 गर्भवती महिलाओं की हीमोग्लोबिन जांच कर उन्हें पोषण, आयरन-फोलिक एसिड और नियमित स्वास्थ्य जांच की जानकारी दी गई।

अभियान 25 अगस्त से 30 नवंबर तक चलेगा। इसका उद्देश्य एनीमिया की समय पर पहचान, उपचार और नियमित फॉलोअप सुनिश्चित करना है। अभियान में कम वजन के नवजात, 4 से 59 माह के बच्चे, 5 से 9 वर्ष के बच्चे, 10 से 19 वर्ष के किशोर-किशोरियां, 20 से 49 वर्ष की प्रजनन आयु की महिलाएं, गर्भवती और धात्री माताओं को लक्षित किया गया है। डीएम नवीन कुमार ने कहा कि गर्भवती महिलाओं में एनीमिया की समय पर पहचान बेहद जरूरी है।

उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों को चिन्हित लाभार्थियों को उपचार से जोड़ने और मध्यम व गंभीर मामलों की नियमित निगरानी का निर्देश दिया। उन्होंने लोगों से कमजोरी, थकान और चक्कर को सामान्य मानकर नजरअंदाज नहीं करने तथा समय पर हीमोग्लोबिन जांच कराने की अपील की।

नोडल पदाधिकारी डॉ. देवेंद्र कुमार ने बताया कि जिला अस्पताल से लेकर आयुष्मान आरोग्य मंदिर, वीएचएसएनडी व प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के सत्रों में जांच होगी। विद्यालयों में आरबीएसके की चलंत चिकित्सा टीम बच्चों व किशोर-किशोरियों की जांच करेगी।

डिजिटल हीमोग्लोबिनोमीटर से जांच के बाद जरूरत के अनुसार आयरन-फोलिक एसिड, उपचार और परामर्श दिया जाएगा।

सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने बताया कि अभियान में आयरन-फोलिक एसिड अनुपूरण, कृमि प्रबंधन, पोषण जागरूकता, जांच, फोर्टिफाइड खाद्य पदार्थों को बढ़ावा देने और चिकित्सीय प्रबंधन पर विशेष जोर रहेगा। गंभीर मरीजों को आवश्यकता के अनुसार उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर किया जाएगा।

डीपीएम डॉ. मुनाजिम ने बताया कि अभियान की डिजिटल निगरानी एनीमिया मुक्त भारत पोर्टल और टी4 के माध्यम से की जाएगी।

हिन्दुस्थान समाचार / धर्मेन्द्र सिंह